Federation of Automobile Dealers Association (FADA), फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने गुरुवार को जुलाई महीने के लिए वाहन रिटेल डेटा जारी किया। हालांकि इन आंकड़ों में ऐसा कुछ नहीं था जिससे ऑटो इंडस्ट्री का चेहरा खिलता। FADA के आंकड़ों के मुताबिक, 2021 के समान महीने की तुलना में पिछले महीने में कुल वाहन खुदरा बिक्री में आठ प्रतिशत की गिरावट आई और कोरोना-काल से पहले के जुलाई 2019 की तुलना में 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
टू-व्हीलर सेगमेंट की बात करें तो इसे अक्सर भारतीय मोटर वाहन क्षेत्र की रीढ़ माना जाता है। पिछले महीने खुदरा में 11 प्रतिशत की गिरावट के साथ दोपहिया वाहनों की बिक्री एक प्रमुख चिंता का विषय बनी हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों से खराब मांग, उच्च मुद्रास्फीति, अनिश्चित मानसून और स्वामित्व की उच्च लागत इसके लिए जिम्मेदार हैं।
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Automobile Sector Cars
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पैसेंजर व्हीकल्स (यात्री वाहनों) ने भी बेहतर प्रदर्शन नहीं किया और मांग के मजबूत रहने के बावजूद पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। FADA ने यह भी कहा कि जुलाई का आंकड़ा सामान्य से हटकर हो सकता है क्योंकि इस सेगमेंट में लगतारा नए मॉडल पेश किए जा रहे हैं।
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Electric Three Wheeler
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हालांकि धमाकेदार खबर तिपहिया और वाणिज्यिक वाहन सेगमेंट से आई, जिसमें खुदरा बिक्री में क्रमशः 80 प्रतिशत और 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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Automobile sector
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आगे के रास्ते भी अवसरों और चुनौतियां से भरा हो सकता है। FADA के अध्यक्ष विंकेश गुलाटी ने कहा कि आने वाले फेस्टिव सीजन के कारण जुलाई वाहन खुदरा बिक्री के मामले में एक हल्का महीना होता है। लेकिन जब फेस्टिव सीजन रफ्तार पकड़ाता है, तो फिर चीजें बदल जाती हैं। गुलाटी ने कहा, "रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद, दुनिया एक बार फिर ताइवान-चीन युद्ध के खतरे का सामना कर रही है। इससे एक बार फिर सेमी-कंडक्टर की कमी का खतरा मंडरा रहा है। कुल मिलाकर, FADA इन कारणों की वजह से सतर्क रूप से आशावादी बना हुआ है क्योंकि यह त्योहारों का मौसम आ रहा है।"
FADA विशेष रूप से सभी कार निर्माताओं से बाजार की मांग के अनुसार अपनी आपूर्ति को फिर से जांचने और काम चलाऊ स्टॉक को आगे बढ़ाने से बचने का आग्रह कर रहा है।