रेटिंग एजेंसी, इन्वेस्टमेंट इंफॉर्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ऑफ इंडिया लिमिटेड (ICRA) ने खुलासा किया है कि भारत सरकार द्वारा हाल ही में घोषित इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम 2024 (EMPS) के कारण इलेक्ट्रिक बाइक और स्कूटर की शुरुआती खरीद लागत में खासी बढ़ोतरी होगी। इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को बढ़ावा देने वाली इस योजना के तहत सब्सिडी में कमी आएगी। जिससे पिछली फेम 2 स्कीम की तुलना में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की लागत में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। फेम 2 स्कीम 31 मार्च को खत्म हो जाएगी।
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भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम 2024, एक अप्रैल से 31 जुलाई तक, चार महीने की अवधि के लिए इलेक्ट्रिक टू और थ्री व्हीलर को अपनाने का समर्थन करने के लिए कुल 500 करोड़ रुपये का आवंटन करती है। योजना के तहत, इलेक्ट्रिक टू व्हीलर के लिए सब्सिडी को घटाकर 10,000 रुपये प्रति kWh से 5,000 रुपये प्रति kWh कर दिया गया है। जिसमें लाभ की अधिकतम सीमा 10,000 रुपये प्रति वाहन है।
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हालांकि, ICRA ने नोट किया है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए निर्धारित खर्च के लगभग दो-तिहाई से शुरुआती खरीद लागत में बढ़ोतरी होगी। इससे इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, इंटरनल कंब्शन इंजन (ICE) से चलने वाले टू-व्हीलर की तुलना में 70 प्रतिशत से ज्यादा महंगे हो जाएंगे।
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ICRA के अनुमानों से यह भी पता चलता है कि फेम 2 ढांचे के तहत पांच साल की तुलना में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए पेबैक अवधि 5.5 साल तक बढ़ सकती है। यह मानते हुए कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता सब्सिडी में कमी को मूल्य बढ़ोतरी के जरिए उपभोक्ताओं तक पहुंचाते हैं। इसके बावजूद, ICE वाहनों की तुलना में बेहतर स्वामित्व लागत, अतिरिक्त सुरक्षा और विस्तारित रेंज से प्रेरित होकर इलेक्ट्रिक टू व्हीलर सेगमेंट के लिए दीर्घकालिक संभावनाएं आशाजनक बनी हुई हैं।