मास ट्रांसपोर्ट (जन सार्वजनिक परिवहन) प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए, बंगलूरू की कंपनियां अपने कर्मचारियों को दफ्तर आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने पर फाइनेंशियल इंसेंटिव (वित्तीय प्रोत्साहन) दे रही हैं। वहीं दूसरी तरफ, यदि कर्मचारी एक व्यक्ति के लिए निजी वाहन का इस्तेमाल कर दफ्तर आते हैं, तो कंपनियां पार्किंग के लिए अतिरिक्त शुल्क भी ले रही हैं।
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Bengaluru Traffic Jam
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बंगलूरू अपने ट्रैफिक जाम के लिए कुख्यात है। और ऐसा लगता है कि शहर का आईटी उद्योग पहल करके और कार पूलिंग को बढ़ावा देकर सड़कों पर वाहनों की भीड़ को कम करने की कोशिश कर रही है।
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Bengaluru Traffic Jam
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां शहर की कुख्यात ट्रैफिक समस्याओं से निपटने के लिए "स्थायी परिवहन समाधान" पर जोर दे रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस रिपोर्ट में नेट ऐप, मैशरेक बैंक, टीसीएस और इंफोसिस सहित बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) के नाम शामिल हैं। जिन्होंने कर्मचारियों के प्रमुख परिणाम क्षेत्र/ की रिस्पॉन्सिबिलिटी एरिया (केआरए) का हिस्सा बना दिया है। कंपनियों ने "परिवहन लाभ" के रूप में कर्मचारी बेनिफिट प्रोग्राम शुरू कर दिए हैं। खासकर तकनीकी क्षेत्रों और जानेमाने जाम वाले रास्तों के लिए।
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Vajra Buses Bengaluru
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कुछ कंपनियां मेट्रो पास और शटल सर्विस के लिए रिइंबर्समेंट (प्रतिपूर्ति) भी दे रहे हैं। अन्य पहलों में कारपूलिंग व्यवस्था, पार्किंग के लिए मनचाही जगह, मासिक वजीफा जैसे कई प्रोत्साहन शामिल हैं।