कोरोना महामारी के दौर में वाहनों की बिक्री काफी कम हो गईं थी। लेकिन अब एक बार फिर वाहनों की बढ़ी मांग से ऑटोमोबाइल कंपनियों की बांछें खिल गई हैं। वे अपने वाहनों पर तरह-तरह के ऑफर्स भी दे रहीं हैं, ताकि बिक्री को रफ्तार दी जा सके। इस बीच पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने लोगों के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। आमतौर पर यह माना जाता है कि डीजल इंजन कारों में पेट्रोल इंजन कारों की तुलना में ज्यादा माइलेज मिलता है। वहीं यह भी सुनते हैं कि पेट्रोल कार ज्यादा पावर देती है। ऐसे में पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह सवाल बहुत अहम होता है कि पेट्रोल गाड़ी लें या डीजल। इस समस्या को सुलझाने के लिए बता दें कि पेट्रोल इंजन की कार हो या डीजल दोनों के कुछ फायदे हैं तो कुछ नुकसान। यहां जानें काम की जरूरी बात।
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Renault Car Plant
- फोटो : Renault
Diesel Engine (डीजल इंजन) कार की कीमत Petrol Engine (पेट्रोल इंजन) कार के मुकाबले ज्यादा होती है। किसी भी वाहन का डीजल मॉडल उसके पेट्रोल मॉडल से महंगा आता है।
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Car Servicing
- फोटो : BMW
पेट्रोल इंजन डीजल की तुलना में ज्यादा पावरफुल होता है। पेट्रोल इंजन का माइलेज डीजल इंजन के मुकाबले थोड़ा कम होता है, लेकिन इनका मेनटेनेंस भी सस्ता होता है।
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BS6 Maruti Suzuki Dzire Tour S
अगर आप व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए के लिए वाहन खरीद रहे हैं तो डीजल कार आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। अगर आपको रोजाना 50 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय करना हो तो डीजल कार एक बेहतर ऑप्शन होगा।
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Maruti Suzuki Vitara Brezza Facelift
- फोटो : Maruti Suzuki
लेकिन अगर आप हर दिन 15 से 20 किलोमीटर से ज्यादा कार नहीं चलाते हैं तो ऐसी स्थिति में आपके लिए पेट्रोल कार इकनॉमिक साबित होगी। परफॉरमेंस के मामले में पेट्रोल कारें बेहतर प्रदर्शन करती हैं।