आज के समय में कोई भी वाहन खरीदने की सोचना किसी पहाड़ की चढ़ाई करने से कम नहीं है। कार को खरीदने की प्रक्रिया में सबसे पहले अपनी पसंदीदा कार को चुनना फिर उसके दामों के लिए डीलरशिप को खोजना और फिर कार के बारे में थोड़ा तरीकें से तहकीकात करना। लेकिन आपको बता दें, कार खरीदना कोई बड़ा काम नहीं है बस कुछ चीजों की गांठ मार ले तो।
एक से अधिक डीलर से लें जानकारी
सबसे पहले आपको जो भी गाड़ी पसंद है उसकी कीमत की जानकारी एक से दो डीलर के यहां जाकर ले लें। अगर आप अलग-अलग डीलर्स से अपनी पसंदीदा कार की कीमत की जानकारी मंगवाएंगे। तो उनमें से आप सबसे सस्ते दामों का चुनाव कर सकते हैं। इसके अलावा कम दामों पर कार देने वाले डीलर का हवाला देकर औरो से मोल भाव भी कर सकते हैं।
पेट्रोल या डीजल
इस दुविधा से आप आखिर तक भी नहीं निकल पाते। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि कौन-सी बेहतरी है पेट्रोल गाड़ी या डीजल। क्योंकि डीजल गाड़ियों को लोग माइलेज के मामले में अव्वल मानते हैं तो पेट्रोल गाड़ियों को परफॉरमेंस में। तो इसके लिए आपको बता दें, यदि आप कम ड्राइव करते हैं तो डीजल गाड़ी खरीदने का कोई फायदा नहीं है। अक्सर शहर में चलाने के लिए पेट्रोल गाड़ी लेनी चाहिए। बता दें, औसतन भारत में लगभग 80% लोगों को पेट्रोल गाड़ी खरीदनी चाहिए।
टेस्ट ड्राइव
कार को खरीदने से पहले उसकी टेस्ट ड्राइव लेना बेहद जरूरी होता है। ऐसा करने से आप कार की परफॉरमेंस, हैंडलिंग, और सस्पेंशन आदि का पता लगा सकते हैं। इसके अलावा कोशिश करें कि टेस्ट ड्राइव के दौरान आप डीलरशिप द्वारा चुने गए रास्ते के बजाये अपने पहचान वाले रस्ते पर जाएं।
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कार की रीसेल वैल्यू
कार खरीदते समय उसकी रीसेल वैल्यू के बारे में जानना थोड़ा अटपटा लगता है लेकिन यह जरूरी है क्योंकि अगर आप अपनी कार को 8 से 10 सालों के लिए ले रहे हैं तो ठीक है लेकिन अगर आप कार को 3-4 सालों में बेचना चाहते हैं तो जरूरी है कि आप एक ऐसे रंग का चुनाव करें जो सभी को पसंद आए।