भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-2 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर नया इतिहास रच दिया। लेकिन इस रिपोर्ट में हम आपको उस वाहन के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे आज से 50 साल पहले पहली बार चंद्रमा की सतह पर चलाया था। आइये जानते हैं...
Lunar Roving थी चंद्रमा पर चलने वाली पहली कार
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नासा लूनर रोवर व्हीकल
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हम सब जानते हैं कि साल 1971 में अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा पर पैर रखा था लेकिन उनके साथ एक वाहन भी था जिसका नाम Lunar Roving (लूनर रोविंग) था। लूनर रोविंग व्हीकल 1971 के और 1972 के दौरान अमेरिकी अपोलो कार्यक्रम के अंतिम तीन मिशनों में चंद्रमा पर इस्तेमाल होने वाला बैटरी से चलने वाला चार पहियों वाला रोवर था। लूनर रोविंग ने एक ऑफ-रोडर कार की तरह भी काम किया।
बोइंग-जनरल मोटर्स ने बनाया था Lunar Roving वाहन को
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नासा लूनर रोवर व्हीकल
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बोइंग-जनरल मोटर्स ने मिलकर Lunar Roving को बनाया था। लूनर रोवर के अलावा इसे मून बगी के नाम से भी जाना जाता है। इसके पावरट्रेन की बात करें तो इसमें चार 0.25 हॉर्स पावर की DC मोटर्स लगी थी। इसके अलावा इसमें दो सिल्वर 80:1 ऑक्साइड, 121 A*h की बैटरी लगाईं गई थी। इसका व्हीलबेस 2.3 मीटर, लम्बाई 3.1 मीटर, उंचाई 1.14 मीटर और इसका वजन 210 किलोग्राम (जमीन पर) जबकि चांद पर इसका वजन 35 किलोग्राम था।
इसमें ब्रेक, एस्केलेटर्स, 4 पहिये और एकरमैन स्टीयरिंग दिया गया था।
फेरन पावलिक्स Lunar Roving के डेवलपर
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फेरन पावलिक्स
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फेरन पावलिक्स (Ferenc Pavlics) जोकि एक मैकेनिकल इंजीनियर थे और इन्होने ही Lunar Roving को डिजाइन किया था इनका जन्म 3 फरवरी 1928 को हंगरी में हुआ था। Lunar Roving को फोल्ड करने के लिए डिजाइन किया गया था ताकि यह लूनर मोडुल के एक डिब्बे के अंदर फिट हो सके।