देश में गाड़ियों की खरीदारी से लोगों को मिलने लगी नौकरियां, कारखानों में लौटने लगे मजदूर
लॉकडाउन के बाद बढ़ने लगी नोकरियां
मार्च महीने के आखिर में जब देश में लॉकडाउन लागू हुआ तो भर्तियों में भारी गिरावट देखने को मिली। Naukri.com की तरफ से पोस्ट की गई नौकरियों के विश्लेषण के आधार पर इस महीने भर्तियों की दर घट पर (-26) फीसदी तक पहुंच गई। लेकिन बुरा दौर तो आना अभी बाकी था, जहां अप्रैल महीने में भर्तियों की दर घटकर (-72) फीसदी पहुंच गई।
लॉकडाउन के खत्म होने के बाद हालात सुधरने लगे, जिसका असर नौकरियों पर भी दिखने लगा। मई महीने में 28 फीसदी भर्तियां बढ़ीं। वहीं, जून में तो यह सबसे ज्यादा हो गई। जून महीने में ऑटो सेक्टर में 72 फीसदी ज्यादा लोगों को नौकरियां मिलीं। जुलाई की बात करें तो इस महीने भर्तियों की दर में 18 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जुलाई में हुईं 8000 भर्तियां
स्टाफिंग फर्म Xpheno की रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई महीने में 8000 भर्तियां हुईं। ये भर्तियां ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग, प्रोडक्शन, ऑटो कम्पोनेंट्स जैसे सेक्टर्स में हुई हैं।
मजदूरों की बढ़ी मांग
जून महीने के मुकाबले जुलाई महीने में 77 फीसदी ज्यादा मजदूरों की भर्तियां हुई हैं। इससे यह साफ पता चल रहा है कि कंपनियों ने वाहनों को बनाने की रफ्तार बढ़ा दी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक दो-पहिया, ट्रैक्टर और पैसेंजर गाड़ियां बनाने वाली कंपनियों में भर्तियां बढ़ी हैं।
त्योहारी सीजन की तैयारी, ग्रामीण इलाकों में बढ़ी मांग
वाहन बनाने वाली कंपनियों को उम्मीद है कि इस त्योहारी सीजन वाहनों की मांग में तेजी देखी जाएगी, जिसको देखते हुए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है।
कोरोना काल में शहरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में वाहनों की मांग सबसे ज्यादा है।