अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो पहले जांच लें कि आपकी कार में लेटेस्ट सेफ्टी फीचर्स हैं या नहीं। असल में सरकार ने दिशानिर्देश जारी कर सभी वाहन कंपनियों को 01 जुलाई 2019 से नए सेफ्टी फीचर्स लगाने का आदेश दिया है। इनमें 5 प्रकार के सेफ्टी फीचर्स दिए जाएंगे, जो सभी कार कंपनियों को अपने मॉडल्स में स्टैंडर्ड देने होंगे। हालांकि ये फीचर्स आने के बाद गाड़ियों की कीमतों में 20 से 30 हजार रुपये की बढ़ोतरी होगी, वहीं कुछ कार कंपनियों ने ये फीचर देने भी शुरू कर दिए हैं। जानते हैं इन फीचर्स के बारे में...
इन 5 सेफ्टी फीचर्स के बिना नहीं खरीदें नई कार, नहीं तो हो जाएगी ‘बेकार’
एयरबैग सिस्टम
यह फीचर भी पहले कारों के महंगे टॉप वेरियंट्स में ही मिलता था। सरकार ने नए नियम के तहत बिना एयरबैग वाली नई कार के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है। कंपनियों को अब यह फीचर देना अनिवार्य कर दिया गया है। कुछ कंपनियां केवल ड्राइवर साइड एयरबैग दे रही हैं, वहीं कुछ कंपनिया ड्राइवर साइड के साथ पैसेंजर के लिए एयरबैग फीचर दे रही हैं। एक्सीडेंट के दौरान यह फीचर शरीर के ऊपरी हिस्से पर चोट लगने से बचाता है।
ABS के साथ EBD
सरकार की तरफ से इन सेफ्टी नॉर्म्स का नाम AIS-145 दिया गया है। पहले ये गाड़ियों के टॉप-एंड मॉडल्स में ही आया करते थे, लेकिन सरकार के नियम के बाद सभी मॉडल्स स्टैंडर्ड देना होगा। ABS के साथ EBD पहले केवल टॉप वेरियंट में ही आता था, लेकिन अब यह स्टैंडर्ड मिलेगा। एबीएस का मलतब होता है एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम, इस फीचर से कार के ब्रेक पहियों के साथ लॉक नहीं होते। वहीं ईबीडी यानी इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, इसका फायदा यह होगा कि अगर आप फिसलन भरी रोड पर ब्रेक लगाते हैं, तो यह कार को फिसलने से बचाएगा और कार पर नियंत्रण बना रहेगा।
स्पीड अलर्ट सिस्टम
होंडा ने हाल ही में इस फीचर को अपनी सेडान कार सिटी में लागू किया है। इस फीचर के तहत जैसे ही कार 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार को पार करेगी, यह सिस्टम एक्टीवेट हो जाएगा और ऑडिबल सिस्टम के तहत कार चालक को स्पीड करने का अलर्ट देगा। वहीं 120 किमी रफ्तार होने तक यह सिस्टम आवाज करता रहेगा और कार चालक को चौंकन्ना करता रहेगा।
सेंसर के साथ रिवर्स पार्किंग अलर्ट
हालांकि यह फीचर भी पहले केवल लग्जरी टॉप वेरियंट में ही मिलता था, लेकिन अब यह सभी वेरियंट में देना अनिवार्य हो गया है। हालांकि बाजार में आफ्टर मार्केट एएसेसरीज के तौर पर भी इसे लगाया जा सकता है। गाड़ी पीछे करने के दौरान यह फीचर बेहद कारगर साबित होता है। इससे न केवल पीछे के बंपर का बचाव होता है, बल्कि पीछे के स्पेस का सटीक अंदाजा भी लगता है। पंबर कार कार कंपनियों ने इस फीचर को देना शुरू कर दिया है।