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सावधान: हेलमेट पर नए नियम लागू, इन लोगों पर लग सकता है 5 लाख रुपये तक का जुर्माना और हो सकती है एक साल की कैद
Sun, 06 Jun 2021 06:52 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sun, 06 Jun 2021 06:52 PM IST
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Helmets
- फोटो : Amar Ujala (For Reference Only)
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देशभर में बिना ISI (आईएसआई) मानक वाले हेलमेट के इस्तेमाल पर एक जून 2021 से पूरी तरफ प्रतिबंध लग गया है। अगर कोई गैर-आईएसआई मार्का वाले हेलमेट को बेचता है या खरीदता है तो दोनों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि आप जिस हेलमेट को खरीद रहे हैं, उसकी दोबारा और अच्छी तरह से जांच करें कि वह सभी मानकों पर खरा उतरने वाला आईएसआई सर्टीफिकेशन वाली हेलमेट होना चाहिए। यानी एक जून, 2021 से दोपहिया वाहन चालकों और सवारों के लिए ISI मार्का वाले हेलमेट अनिवार्य हो गया है। यह हेलमेट BIS (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) सर्टिफाइड होना चाहिए।
Helmets
- फोटो : For Representation Only
खरीदने और बेचने वाले, दोनों पर जुर्माना
इस कदम के साथ भारत सरकार ने सड़क पर दोपहिया सवारों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की कोशिश की है। इसके साथ ही नए कानून का पालन न करने पर सख्त कदम उठाने और उल्लंघन करने वालों को दंडित करने का फैसला भी किया गया है। कोई भी व्यक्ति जो गैर-आईएसआई हेलमेट का निर्माण, भंडारण, बिक्री या आयात करता है, उसे एक साल तक की कैद या न्यूनतम एक लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है जो कि 5 लाख रुपये तक बढ़ाया भी जा सकता है।
इस कदम के साथ भारत सरकार ने सड़क पर दोपहिया सवारों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की कोशिश की है। इसके साथ ही नए कानून का पालन न करने पर सख्त कदम उठाने और उल्लंघन करने वालों को दंडित करने का फैसला भी किया गया है। कोई भी व्यक्ति जो गैर-आईएसआई हेलमेट का निर्माण, भंडारण, बिक्री या आयात करता है, उसे एक साल तक की कैद या न्यूनतम एक लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है जो कि 5 लाख रुपये तक बढ़ाया भी जा सकता है।
ISI helmets
इसके अलावा, देश में सिर्फ बीआईएस/आईएसआई सर्टीफिकेशन वाले दोपहिया हेलमेट बेचने की अनुमति होगी। यानी नॉन-आईएसआई हेलमेट बनाना या बेचना एक अपराध है और इस का उल्लंघन करने पर जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। भारत सरकार के इस बहुप्रतीक्षित कदम का कारण नकली और नकली दोपहिया हेलमेट की बिक्री को खत्म करना और कम गुणवत्ता वाले हेलमेट के कारण होने वाली घातक और जानलेवा सड़क चोटों के आंकड़ों को कम करना है।
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Steelbird Helmet Brat
- फोटो : Steelbird
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में 3 लाख से ज्यादा लोग मारे जा रहे हैं। लेकिन इस संख्या में सिर्फ वहीं आंकड़ा शामिल है जो भारत सरकार द्वारा रिपोर्ट और दर्ज किया गया है। इसके उलट सामान्य दृष्टिकोण के अनुसार भारत में सड़क दुर्घटनाओं में 10 लाख से अधिक लोग मारे जा रहे हैं क्योंकि कई दुर्घटनाएं कभी रिपोर्ट और दर्ज नहीं की जाती हैं। मानव जीवन को बचाने के लिए ऐसे सुधारात्मक उपाय समय की जरूरत है। नियम के मुताबिक अब इस आदेश के पालन पर सख्ती से अमल किया जाएगा। इस नियम को ना मानने वाले लोगों को कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।
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सड़क किनारे हेलमेट की दुकान
- फोटो : For Representation Only
बिना-आईएसआई मार्का वाले हेलमेट को प्रतिबंधित करने का उद्देश्य आमतौर पर सड़क किनारे बेचे जाने वाले घटिया हेलमेट की बिक्री पर नकेल कसना है। घटिया क्वालिटी वाले हेलमेट सड़क दुर्घटना की स्थिति में चालक या सवार को सिर में लगने वाली गंभीर चोट से बचाने में मदद नहीं करते हैं। ऐसे नकली हेलमेट आमतौर पर पुलिस को चकमा देने और चालान से बचने के लिए खरीद लिए जाते हैं। जिसकी कीमत कई बार अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है। इसलिए अगली बार आप जब भी कोई नया हेलमेट खरीदें तो सुनिश्चित करें कि वह आईएसआई और बीएसआई सर्टीफाइड हो।