15 दिसंबर से देशभर में NHAI के टोलप्लाजा पर फास्टैग (Fastag) RFID सिस्टम लागू होने जा रहा है। सभी वाहनों पर Fastags लगाना जरूरी होगा। हालांकि सरकार ने यह कदम टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे-लंबे जामों को खत्म करने के लिए उठाया है। लेकिन सरकार की मंशा कुछ और ही है। सरकार अब पार्किंग के लिए फास्टैग (fastag 2.0) को जरूरी करने की तैयारी कर रही है।
ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ेगा महंगा, अकाउंट से अपने आप कट जाएंगे चालान के पैसे!
हैदराबाद में शुरू हुआ प्रोजेक्ट
सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने हैदराबाद एयरपोर्ट पर एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत हैदराबाद एयरपोर्ट पर पार्किंग का भुगतान फास्टैग के जरिये किया जाएगा। NHAI के सूत्रों का कहना है कि इस प्रोजेक्टर को दो चरणों में शुरू किया जाएगा। पहले चरण में केवल ICICI बैंक की तरफ से जारी फास्टैग से ही भुगतान लिया जाएगा।
मिला Fastag 2.0 नाम
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दूसरे चरण में हैदराबाद एयरपोर्ट पर सभी बैंकों की तरफ से जारी फास्टैग्स से राशि वसूली जाएगी। मंत्रालय का कहना है कि वे टोल के अलावा फास्टैग को इस्तेमाल को और व्यापक बनाना चाहते हैं। सरकार ने इसे Fastag 2.0 नाम दिया है। इसमें पार्किंग भुगतान, पेट्रोल-डीजल आदि की खरीदारी फास्टैग के जरिये की जा सकेगी।
मॉल्स में भी होगा Fastag
मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक ‘हैदराबाद के बाद इस परियोजना की शुरूआत दिल्ली हवाईअड्डे पर की जाएगी। एसबीआई, एक्सिस, एचडीएफसी और आईडीएफसी मुंबई, बेंगलुरू हवाईअड्डों से इस बारे में बातचीत की जा रही है। वहीं कुछ मॉल्स में भी फास्टैग (Fastag 2.0) की शुरुआत की जाएगी।
पेट्रोल-डीजल भी फास्टैग से
वहीं सरकार फास्टैग के एक जरिये एक और बड़ी तैयारी की शुरूआत करने जा रही है। सरकार की योजना है कि Fastag 2.0 का इस्तेमाल फ्यूल स्टेशंस पर पेट्रोल-डीजल भरवाने के अलावा ई-चालान का भुगतान भी फास्टैग से किया जा सकेगा। यानी आपने इधऱ कोई ट्रैफिक नियम तोड़ा, तो उधर तुरंत ही चालान आपके फास्टैग के जरिये काटा लिया जाएगा।