सरकार Electric Vehicles (इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) को बढ़ावा दे रही है। लोगों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को लेकर दिलचस्पी भी बढ़ी है। लेकिन इन गाड़ियों की चार्जिंग के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर संशय खड़े होते हैं। सरकार Electric Vehicles के लिए अच्छे मूलभूत ढांचे को विकसित करने का आश्वासन देती रही है और कदम भी उठाती रही है। इसी कड़ी में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी Energy Efficiency Services Limited (EESL), एनर्जी इफीशिएंसी सर्विसेज (ईईएसएल) ने देश भर में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने को लेकर बड़ा कदम उठाया है।
EESL ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग बुनियादी ढांचा स्थापित करने को लेकर Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल ) के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
क्या है EESL
EESL बिजली मंत्रालय के अधीन आने वाले चार उपक्रमों - एनटीपीसी लिमिटेड, पावरग्रिड कॉरपोरेशन, पावर फाइनेंस, आरईसी लिमिटेड) का संयुक्त उपक्रम है। ईईएसएल ने सोमवार को कहा कि उसने राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक वाहन कार्यक्रम के तहत एचपीसीएल के साथ दो साल के लिए एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता देश भर में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने को लेकर है।
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इलेक्ट्रिक कार्स
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इस एमओयू (सहमति पत्र) के तहत दोपहिया, तीन और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिये उपयुक्त स्थलों पर चार्जिंग सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।
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electric car charging stations
इस बारे में ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने कहा कि इस गठजोड़ से इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लोगों में संबंधित बुनियादी ढांचे को लेकर जो चिंता है, वह दूर होगी।