देश की राजधानी दिल्ली में अब ड्राइविंग लाइसेंस पाना मुश्किल होने जा रहा है। खराब ड्राइविंग के कारण बढ़ रहे सड़क हादसों पर लगाम कसने के लिए सरकार ड्राइविंग टेस्ट में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब लाइसेंस बनवाने के लिए आपको ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट देना होगा, जो केवल योग्य ड्राइवर ही पास कर पाएंगे। आपकी ड्राइविंग के कैमरों से ट्रैक किया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के साथ हाथ मिलाया है। दोनों साथ में मिलकर राजधानी में ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट सेंटर स्थापित करेंगे। अगले 12 महीने में मारुति सुजुकी दिल्ली में 10 ऐसे ड्राइविंग सेंटर बनाएगी। इसके लिए 10 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाने की योजना है।
इन सेंटर्स पर ड्राइविंग ट्रैक बनाया जाएगा और हाई डेफिनेशन कैमरा लगाए जाएंगे। इन ट्रैक को 8 अंक के आकार दिया गया है जिसे महज 90 सेकंड़ में पार करना होगा।
इसके अलावा इन सेंटर्स पर वीडियो एनालिटिक्स तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा जो ड्राइविंग के स्तर को भांव लेगा। अभी तक ड्राइविंग टेस्ट ड्राइविंग इस्पेक्टर द्वारा मैनुअली लिया जाता था। हालांकि सरकार की इस पहल के बाद बेहतर ड्राइविंग करने वाले लोग ही टेस्ट पास कर पाएंगे।
दिल्ली की जिन जगहों पर इन सेंटर्स को स्थापित किया जाएगा उनमें हौज खास का डीटीसी टर्मिनल, शकुर बस्ती, राजा गार्डन और हरि नगर शामिल हैं। इसके अलावा दूसरे सेंटर रोहिनी, द्वारका, ज्हारोडा कलन, बुरारी, सराए काले खां और लोनी रोड पर बनाए जाएंगे। इन सेंटर्स को स्थापित करने के अलावा तीन साल तक इनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी मारुति सुजुकी की होगी।