त्यौहार का सीजन आनेवाला है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को इससे काफी उम्मीदें है कि लॉकडाउन के बाद से वाहनों की बिक्री में आई कमी की भरपाई हो पाएगी। नवरात्र और दिवाली के मौके पर लोग काफी नई खरीदारी करते हैं। कोरोना काल में सार्वजनिक वाहन की तुलना में निजी वाहन के इस्तेमाल को तवज्जो दी जा रही है। ऐसे में इस फेस्टिव सीजन नई कारों की बिक्री में तेजी आ सकती है। लेकिन पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह सवाल बहुत अहम होता है कि पेट्रोल गाड़ी लें या डीजल। जहां एक आम बात दिमाग में आती है कि पेट्रोल कार का इंजन ज्यादा पावर देता है, तो वहीं डीजल कार में माइलेज ज्यादा मिलता है। तो ऐसे में नए ग्राहक इसी कश्मकश में रहते हैं कि पेट्रोल कार खरीदें या डीजल। हम आपको बता दें कि पेट्रोल इंजन की कार हो या डीजल दोनों के अपने फायदे और नुकसान होते हैं। यहां जानतें है कि इसकी डिटेल्स।
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Car Plant
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भारत में एक अप्रैल 2020 से BS6 ईंधन उत्सर्जन मानक लागू हो गए हैं। इसके बाद से विभिन्न ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अपनी पेट्रोल गाड़ियों के साथ ही डीजल गाड़ियों को नए BS6 मानकों के मुताबिक अपडेट किया। हालांकि देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने कहा कि वो डीजल इंजन को बंद कर रही है। लेकिन फिर भी ह्यूंदै मोटर्स जैसी ऑटोमोबाइल कंपनियों के नई डीजल मॉडल की कारों की बुकिंग ज्यादा देखी जा रही है।
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Tata Nexon
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Diesel Engine (डीजल इंजन) कार की कीमत Petrol Engine (पेट्रोल इंजन) कार के मुकाबले ज्यादा होती है। किसी भी वाहन का डीजल मॉडल उसके पेट्रोल मॉडल से महंगा आता है।
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car engine maintenance
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पेट्रोल इंजन डीजल की तुलना में ज्यादा पावरफुल होता है। पेट्रोल इंजन का माइलेज डीजल इंजन के मुकाबले थोड़ा कम होता है, लेकिन इनका मेनटेनेंस भी सस्ता होता है।
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Maruti Suzuki Ertiga Tour M diesel
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अगर आप व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए के लिए वाहन खरीद रहे हैं तो डीजल कार आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। अगर आपको रोजाना 50 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय करना हो तो डीजल कार एक बेहतर ऑप्शन होगा।