वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर का हर कोना बहुत महत्वपूर्ण होता है। घर के किसी भी हिस्से में थोड़ा सा भी दोष आपको कई परेशानियां दे सकता है। आपके कार्यक्षेत्र में बाधा उत्पन्न हो सकती है। यहां तक की आपके स्वास्थ और पारिवारिक संबंधों पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए घर को वास्तु के हिसाब से बनवाने के साथ इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना भी अति आवश्यक होता है। जानते हैं किन छोटे-छोटे दोषों के साथ कई ऐसे संकेत भी होते हैं जिनके कारण भी आपको करना पड़ सकता है परेशानियों का सामना।
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घर के मध्या भाग में गड्ढा होना अशुभ होता है(प्रतीकात्मक तस्वीर)
वास्तुशास्त्र के अनुसार घर के बीचों बीच (मध्य क्षेत्र) में कोई बड़ा गड्ढा या बहुत भारी सामान नहीं होना चाहिए। घर में गंदगी होना भी शुभ संकेत नहीं होता है। घर के मध्य में कोई भी दोष होना घर के मुखिया के लिए हानिकारक हो सकता है। घर के किसी भी हस्से में गंदगी होना वास्तु की दृष्टि से तो नुकसान दायक होता है साथ ही सेहत पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। जहां पर गंदगी होती है वहां लक्ष्मी वास नहीं करती हैं।
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घर में चूहों के बढ़ने से बढ़ सकती हैं दिक्कतें प्रतीकात्मक तस्वीर
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वास्तु के हिसाब से घर के दरवाजे आवश्यकता से अधिक ऊंचे हों तो इससे आपके कार्यक्षेत्र में कई तरह की बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। घर के दरवाजा ज्यादा ऊंचे नहीं बनवाने चाहिए। घर में अचानक ही काले चूहों की संख्या का बढ़ना भी अच्छा संकेत नहीं होता है। कहा जाता है कि इससे घर में बेवजह की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
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घर के सामने कुएं का होना अशुभ होता है(प्रतीकात्मक तस्वीर)
वास्तुशास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार के सामने की अवरोध नहीं होना चाहिए। यदि घर को मुख्य द्वार के सामने कोई वृक्ष या रुकावट हो तो इससे घर के सदस्यों के बीच मन-मुटाव और ईर्ष्या का भाव उत्पन्न हो जाता है। घर के सामने कुआं होना भी शुभ नहीं होता है। इस दोष के कारण घर के सदस्यों को मानसिक दिक्कतें हो सकती हैं।
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लाल चींटीयों का होना नहीं हैं शुभ संकेत(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में लाल चींटियों का होना या हर जगह चींटियां नजर आना अच्छा नहीं रहता है। यह घर में किसी बड़े नुकसान के होने का सूचक होता है तो वहीं घर में दीमक या मधुमक्खी का छत्ता होना भी शुभ नहीं रहता है। इससे घर के स्वामी को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।