वास्तु शास्त्र में हरियाली को बहुत महत्व दिया गया है। सही दिशा में वास्तु सम्मत लगे पेड़-पौधे घर के वास्तु दोष का निवारण करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेड़-पौधे घर या उसके आसपास यदि उपर्युक्त दिशा में न हो तो यह शारीरिक, आर्थिक एवं मानसिक समस्याओं का कारण भी बन सकते हैं। वास्तुविज्ञान के अनुसार यदि पेड़-पौधों को दिशाओं के अनुरूप सही स्थान दिया जाए तो ये चमत्कारिक लाभ प्रदान करते हैं।
उत्तर-पूर्व एवं पूर्व दिशा
घर के बगीचे या बालकनी में उत्तर-पूर्व एवं पूर्व दिशा में छोटे पौधे जैसे तुलसी, गेंदा, लिली, केला, आंबला, हरीदूब, पुदीना, हल्दी आदि लगाने चाहिए। इन दिशाओं में छोटे पौधे होने से उगते हुए सूर्य की स्वास्थ्यवर्धक रश्मियां घर में प्रवेश कर सकेंगी, जिससे परिवार के सदस्यों की सेहत दुरुस्त रहेगी, सामाजिक रिश्ते मजबूत होंगे।
उत्तर दिशा
उत्तर दिशा में नीले रंग के फूल देने वाले पौधे जीवन में समृद्धि लाने में सहायक सिद्ध होंगे। नीला रंग व्यक्ति के जीवन में स्थिरता व पवित्रता लाता है। नीले रंग के गमले में मनीप्लांट लगाने से करियर में तरक्की मिलती है।
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पीपल का पौधा
- फोटो : सोशल मीडिया
दक्षिण व पश्चिम दिशा
ऊंचे पेड़ों को सदैव घर की दक्षिण या पश्चिम दिशा में लगाना उचित माना गया है। पीपल को घर से पर्याप्त दूरी पर या कहीं खुले स्थान में पश्चिम दिशा की तरफ लगाना शुभ परिणाम देता है। सफ़ेद रंग के फूलों के पौधे जैसे चांदनी, मोगरा, चमेली आदि को इस दिशा में लगाने से लाभ एवं प्राप्तियों के अवसर बढ़ जाते हैं। इनसे बच्चों में रचनात्मक शक्ति का विकास होता है।
उत्तर-पश्चिम दिशा
भगवान शिव को अत्यंत प्रिय बेल का वृक्ष घर की उत्तर-पश्चिम दिशा यानि वायव्य कोण में लगाना अत्यंत शुभ माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के प्रांगण में बेल का पौधा होने से आप सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाओं से बचे रहते हैं एवं वास्तुदोष दूर होकर घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में लगा बेल का पौधा वहां रहने वाले हर सदस्य को यशस्वी और तेजवान बनाता है। सम्मान तथा प्रसिद्धि की चाह रखने वाले व्यक्ति इस पौधे को इस दिशा में लगाएं।