घर के भीतर जब हम मंदिर के लिए वास्तु का विचार करते हैं तो निश्चित रूप से हमारा ध्यान उत्तर और पूर्व की दिशा की ओर जाता है, जिसे ईशान कोण कहा जाता है। वास्तु के अनुसार यह पूजाघर के लिए सबसे शुभ और पवित्र दिशा होती है। ईशान कोण में ही मंदिर क्यों होना चाहिए और मंदिर में पूजा करते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, जानने के लिए आगे की स्लाइड क्लिक करें —
देवी-देवताओं की कृपा पाने के लिए पूजाघर से जुड़ी इन बातों का जरूर रखें ध्यान
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 05 Oct 2018 01:51 PM IST
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