शनि को एक क्रूर लेकिन न्याय प्रिय ग्रह माना गया है। शनि की कृपा से व्यक्ति के जीवन में किसी प्रकार का कोई अभाव नहीं रहता है, लेकिन शनि की खराब दशा में व्यक्ति की जीवन कष्टों से भर जाता है। ज्योतिष में शनि की कुछ दशाएं और योग बहुत ही हानिकारक माने गए हैं। ज्योतिष शास्त्र में इसी तरह से शनि के तीन योग बताए गए हैं जो बेहद ही खतरनाक होते हैं। इन योगों के बनने के कारण व्यक्ति को हर कदम पर उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। व्यक्ति को हर कदम पर असफलता प्राप्त होती है। तो चलिए जानते हैं कि कौन से है वे तीन योग
शनि के ये तीन योग माने गए हैं सबसे खतरनाक, करना पड़ता है मृत्यु तुल्य कष्ट का सामना
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शनि और राहु दोनों ही क्रूर ग्रह हैं। इन दोनों का योग बनने पर व्यक्ति को आर्थिक स्तर के साथ परिवार में भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस योग के कारण व्यक्ति को गोपनीय रोग पकड़ने की आशंका रहती है। जिससे व्यक्ति को अचानक से कष्टों का सामना करना पड़ता है। इस योग के कारण व्यक्ति को जीवन में समस्याएं बढ़ती जाती हैं।
उपाय-
शनिवार के दिन शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इसके साथ ही शनिवार को सरसों के तेल का दान भी करना चाहिए।
शनि और चंद्र का योग के होने पर व्यक्ति को नशीले पदार्थों की लत लग जाती है। व्यक्ति गलत राह पर चलने लगता है। यदि शनि की दशा खराब हो जाए तो व्यक्ति अपराध भी करना लगता है। यहां तक कि वह अवसाद का शिकार भी हो सकता है।
उपाय
इस स्थिति में जातक को सोमवार का उपवास करना चाहिए। गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। शनिवार के दिन किसी चिकित्सालय में दवाओं का दान करना चाहिए। व्रत में केवल जल और दूध का सेवन ही करना चाहिए।
यदि किसी जातक की कुंडली में सूर्य और शनि का योग बनता है तो उसे हर कार्य में असफलता का सामना करना पड़ता है। तमाम प्रयास और परिश्रम करने के बावजूद व्यक्ति को सफलता प्राप्त नहीं होती है। पिता और पुत्र के संबंध में दरार आती है। इसके साथ ही व्यक्ति हड्डियों के रोग से घिर जाता है।
उपाय
जातक को प्रतिदिन उगते सूर्य को जल देना चाहिए इसके साथ ही संध्या के समय पीपल की जड़ में जल देना चाहिए। तांबे के पात्र में भोजन करना चाहिए और सूर्य मंत्रों का जाप करना चाहिए।
"ॐ सुर्यपुत्राय नमः" नमः