फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दांतो से क्यों नहीं चबाते हैं तुलसी 'अंधविश्वास या तथ्य' जानिए ऐसी ही धारणाओं के बारे में

Tue, 09 Feb 2021 06:02 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Tue, 09 Feb 2021 06:02 PM IST
विज्ञापन
Superstition or facts know about such beliefs
अंधविश्वास (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : social media

हर धर्म की अपनी मान्यताएं और परंपराएं होती है जिसे प्रत्येक धर्म मानने वाले लोग निर्वहन करते हैं। इसी तरह से हिंदू सनातन धर्म में भी कई मान्यताएं या परंपराएं हैं जिनकों लोग बहुत पुराने समय से निभाते चले आ रहै हैं। शास्त्रों के अनुसार अनुसार कई कार्यों को वर्जित माना गया है। आज के समय में कई लोग इन बातों को अंधविश्वास या दकियानूसी कहते हैं। तो क्या वाकई ये मान्यताएं केवल अंधविश्वास पर टिकी हैं या फिर इनके पीछे कोई तर्क और तथ्य भी हैं। तो चलिए जानते हैं ऐसी ही कुछ मान्यताओं और धारणाओं के बारे में कि ये सिर्फ 'अंधविश्वास हैं या तथ्य'

Superstition or facts know about such beliefs
तुलसी के पत्ते (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
तुलसी की पत्तियों को दांत से न चबाना

हिंदू धर्म में तुलसी को पूजनीय और पवित्र पौधा माना गया है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। यही कारण है कि लोग तुलसी के पत्तो का सेवन भी करते हैं। तुलसी के पत्तों को दांतो से चबाने के लिए मना किया जाता है। बड़े-बुजुर्ग केवल ये कहते हैं कि तुलसी के पत्तों का चबाना अच्छा नहीं होता है। क्या आपको पता है कि ये बात पूरी तरह से सही है तुलसी के पत्तों में क्षार तत्व होते हैं, जब कोई तुलसी के पत्तों को चबाता है तो इसके क्षारीयपन के कारण दांत खराब हो जाते हैं। इसलिए तुलसी के पत्तों को नहीं चबाना चाहिए।

Superstition or facts know about such beliefs
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
ग्रहण के समय बाहर न निकलना

जब ग्रहण पड़ता है तो हमारे बड़े-बुजुर्ग घर से बाहर निकलने और ग्रहण देखने को मना करते हैं। उनका कहना होता है कि इससे नकारात्मकता हावी हो सकती है। इसके पीछे तथ्य यह है कि जब सूर्य ग्रहण पड़ता है तो उस समय निकलने वाली किरणें व्यक्ति की आंखों के लिए बहुत नुकसान दायक होती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Superstition or facts know about such beliefs
मंदिर की घंटी - फोटो : Social media
मंदिर में घंटी बजाना

हिंदू धर्म में मंदिर और पूजा करते समय घंटी अवश्य बजाई जाती है। मंदिर में प्रवेश करते और वापस आते समय मंदिर की घंटी बजाना शुभ माना जाता है। इसके पीछे तथ्य है कि जब घंटी बजाई जाती है तो कुछ समय लगभग 7 सेकेंड तक उसकी ध्वनि की गूंज बनी रहती है। उस ध्वनि की ऊर्जा सीधे शरीर में प्रवेश करती है, जिससे शरीर में जो सकारात्मक सिहरन होती है वह व्यक्ति के सातों चक्रों को प्रभावित करती है।

विज्ञापन
Superstition or facts know about such beliefs
श्मशान (प्रतीकात्मक तस्वीर)
श्मशान घाट आकर स्नान करना

हिंदू धर्म के अनुसार जब किसी का अंतिम संस्कार करके वापस आते है तो स्नान करना आवश्यक माना गया है। यह एक आवश्यक नियम माना गया है। इसके पीछे तथ्य यह है कि हमारे बड़े बुजुर्ग स्वस्थ और स्वच्छ जीवनशैली जीने में विश्वास रखते थे। किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद शरीर में कई तरह के किटाणु पनपने लगते हैं। अंतिम संस्कार करने वाले लोग और वहां मौजूद अन्य लोगों के भी उन जीवाणुओं की संपर्क आने की पूरी संभावना रहती है। इसलिए श्मशान से आकर स्नान अवश्य करना चाहिए।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed