ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को कर्मफलदाता माना जाता है। शनि मौजूदा दौर में अस्त हो चुके हैं। इसके अलावा शनि इसी साल करीब ढ़ाई वर्षों बाद मकर राशि अपनी यात्रा को विराम देते हुए कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। कुंभ राशि शनिदेव की स्वयं की राशि है और ये इस राशि में करीब 30 वर्षों के बाद प्रवेश कर रहे हैं। लेकिन शनि के कुंभ राशि में परिवर्तन से पहले 05 जून को यह वक्री होने जा रहे हैं। जो 23 अक्तूबर तक इसी वक्री अवस्था में ही गोचर करेंगे। शनि की उल्टी चाल चलने से सभी राशियों पर इस विशेष प्रभाव पड़ेगा। शनि की उल्टी चाल से चार राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतनी होंगी।
Shani Vakri 2022: 141 दिन तक रहेंगे शनिदेव वक्री, जानिए किन राशियों की बढ़ेंगी मुश्किलें
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 29 Jan 2022 03:12 PM IST
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