शनिदेव सभी नौ ग्रहों में न्यायाधीश माने गए हैं। यह व्यक्ति को उनके द्वारा किए गए अच्छे और बुरे काम के आधार पर ही फल देते हैं। ज्योतिष शास्त्र में शनि किसी जातक की कुंडली में किस भाव में बैठे हैं इसका विशेष महत्व होता है। शनि देव सूर्य और छाया की संतान हैं। इन्हें मकर और कुंभ राशि का स्वामित्व प्राप्त है। शनि मेष राशि में नीचराशिगत और तुला राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। शनिदेव की छाया जितनी अशुभ मानी जाती है उतनी ही जातकों पर पड़ने वाली कृपा लाभ पहुंचाने वाली होती है। आइए जानते हैं शनि से जुड़ी कुछ खास बातें.....
न्यायाधीश शनि हमेशा देते हैं ऐसे लोगों का साथ, तीन राशि पर है शनि की साढ़ेसाती की छाया
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 20 Oct 2020 12:57 PM IST
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