सृष्टि की उत्पत्ति में प्रमुख भूमिका निभाने वाले महान ग्रह शुक्र 11 दिसंबर की सुबह 5 बजकर 14 मिनट पर अपनी स्वयं की राशि तुला की यात्रा समाप्त करके मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश कर रहे हैं जहां ये 4 जनवरी की सुबह 5 बजे तक विद्यमान रहेंगे। उसके बाद धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे। मंगल और शुक्र की आपस में न तो अधिक शत्रुता है और ना ही अधिक मित्रता है दोनों ही एक दूसरे से समभाव रखते हैं अतः जिनकी जन्मकुंडली में लग्न अथवा राशि से शुक्र अशुभ भाव में गोचर कर रहे होंगे। उनके लिए उतने नुकसान देय नहीं रहेंगे और जिनके शुभभाव होंगे उनके लिए तो लाभ देंगे ही। वृषभ एवं तुला राशि के स्वामी शुक्र कन्या राशि में नीचराशिगत संज्ञक तथा मीन राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। इनके वृश्चिक राशि में गोचर के प्रभावस्वरूप का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
सुख और वैभव देने वाले शुक्र का वृश्चिक राशि में प्रवेश, जानिए किसके लिए होंगे शुभ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेष राशि
राशि से अष्टम भाव में शुक्र का गोचर काफी मिलाजुला फल कारक रहेगा। मान-सम्मान की वृद्धि होगी। सामाजिक पद प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी किंतु स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। कार्य क्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझा लें तो बेहतर रहेगा। महिला वर्ग के लिए गोचर बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। दांपत्य जीवन में कुछ कड़वाहट आ सकती है। शादी विवाह की वार्ता में भी थोड़ा विलंब होगा।
वृषभ राशि
राशि से सप्तमभाव में शुक्र का गोचर कार्य व्यापार की दृष्टि से बेहतरीन सफलता दायक रहेगा। दैनिक व्यापारियों के लिए तो समय किसी वरदान से कम नहीं है किंतु साझा व्यापार करने से बचें तो बेहतर रहेगा। रोजगार की दिशा में किए गए सभी प्रयास सार्थक रहेंगे। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित पड़े कार्यो का निपटारा होगा। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा विदेशी नागरिकता के लिए आवेदन करना सफल रहेगा।
मिथुन राशि
राशि से छठे शत्रु भाव में शुक्र का गोचर करना मिलाजुला फल देगा। कार्यक्षेत्र में गुप्त शत्रुओं की अधिकता रहेगी और आपके अपने ही लोग साजिश करते रहेंगे इसलिए सावधान रहें। घूमने फिरने तथा विलासिता पूर्ण वस्तुओं पर अधिक खर्च होगा। विद्यार्थियों अथवा प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों को अच्छे अंक लाने के लिए कठिन प्रयास करने होंगे। प्रेम संबंधी मामलों में भी उदासीनता रहेगी। नए प्रेम प्रसंग के शुरुआत के योग। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी।
कर्क राशि
राशि से पंचम विद्या भाव में शुक्र का गोचर करना बेहतरीन सफलता देगा विद्यार्थियों के लिए तो यह अवसर किसी वरदान से कम नहीं है इसलिए किसी भी तरह की प्रतियोगिता में बैठना हो तो अवसर हाथ से न जाने दें। प्रेम संबंधी मामलों में प्रगाढ़ता आएगी। विवाह करना हो तो उस दृष्टि से भी अवसर अनुकूल है। नव दंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग बनेंगे। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा बड़े भाइयों से भी सहयोग की उम्मीद।