Shani Vakri 2022: वर्तमान समय में शनि अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में उलटी चाल से चल रहे हैं यानी शनिदेव वक्री हो गए हैं। 12 जुलाई 2022 से शनिदेव एक बार फिर अपनी सामान्य राशि मकर में आ जाएंगे और अगले 6 महीनों तक वहीं रहकर 23 जनवरी 2023 में कुंभ राशि में आ जाएंगे। 12 जुलाई से लेकर अगले 6 महीने तक 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा आइए करते हैं इसका ज्योतिषीय विश्लेषण।
Shani Vakri 2022: 12 जुलाई से अगले 6 महीने मकर राशि में होंगे शनि, जानिए 12 राशियों पर क्या होगा प्रभाव ?
मेष राशि
इन राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर दशम भाव यानी कर्म भाव में होगा। इस भाव में शनि का गोचर जातकों को कर्म स्थल पर अत्यधिक मेहनत के साथ सफलता देता है। आपको विदेश यात्रा से लाभ और बाहरी संबंधों से सफलता मिल सकती है। वाहन या मकान लेने का योग है। इस समय जीवनसाथी से वाद विवाद नहीं करें तो अच्छा है।
भाग्य स्थान में शनि का गोचर बेहद लाभप्रद होगा। इस गोचर के कारण आपको कार्यस्थल पर अच्छी सराहना प्राप्ति होगी। चूंकि इस राशि के स्वामी शुक्र और शनि दोनों आपस में मित्र है इसलिए लाभ होने की पूरी सम्भावना बन रही है।
मिथुन
इस राशि के जातकों के लिए 12 जुलाई से अगले 6 महीने के लिए शनि की ढैय्या शुरू हो जाएगी। इस समय आठवें भाव से हो रहे शनि का गोचर आपको चोट, दुर्घटना और ससुराल पक्ष से विवाद भी दे सकता है। इस समय पैसा सोच समझकर खर्च करें। अपनी वाणी पर संयम रखें।
इस राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर सप्तम स्थान से होगा। इस राशि के जातकों के लिए शनि प्रबल मारक होते हैं। इस समय साझेदारी में मुनाफे की कमी से जूझना पड़ सकता है। वाहन सावधानी से चलाएं। शनि की लग्न पर दृष्टि कार्य में विलंब कर सकती है इसलिए धैर्य के साथ अपने कार्यों को करें।