ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। 17 अगस्त 2026 को सूर्य देव कर्क राशि से निकलकर अपनी ही राशि सिंह में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस राशि परिवर्तन को सिंह संक्रांति कहा जाता है। सूर्य का सिंह राशि में गोचर सभी राशियों पर अपना प्रभाव डालेगा, लेकिन ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार दो राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ रह सकता है। इन जातकों के करियर में तरक्की के साथ आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग बनेंगे। आइए जानते हैं कौन सी हैं ये दो भाग्यशाली राशियां।
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कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और लगन का अच्छा फल मिलने की संभावना है।
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मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का सिंह राशि में गोचर सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और लगन का अच्छा फल मिलने की संभावना है। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है, जिससे आर्थिक स्थिति में राहत मिलेगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई और परीक्षा में मनचाही सफलता हासिल हो सकती है। किसी कानूनी मामले में मित्र या करीबी व्यक्ति की मदद से समाधान मिलने के संकेत हैं। परिवार के साथ किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। वहीं संतान की ओर से कोई अच्छी खबर मिलने से घर का माहौल खुशनुमा रहेगा।
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नौकरीपेशा लोगों को मनचाही जगह पर ट्रांसफर मिलने की संभावना भी बन रही है।
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धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए सूर्य का यह गोचर काफी लाभदायक साबित हो सकता है। राजनीति या सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को उनके काम और प्रयासों के लिए सम्मान मिल सकता है। लंबे समय से वाहन या संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे जातकों की इच्छा पूरी होने के योग हैं। दांपत्य जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है और जीवनसाथी से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। आय के नए साधन बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नौकरीपेशा लोगों को मनचाही जगह पर ट्रांसफर मिलने की संभावना भी बन रही है।
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सुबह स्नान के बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
सूर्य संक्रांति के उपाय
- सूर्य देव को अर्घ्य दें: सिंह संक्रांति के दिन सुबह स्नान-ध्यान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें। जल में कुमकुम, रोली और अक्षत मिला सकते हैं।
- सूर्य मंत्रों का जप करें: कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए ‘ॐ सूर्याय नमः’ या ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ का कम से कम 108 बार जप करें।
- दान करें: गेहूं, गुड़, लाल या नारंगी वस्त्र, अन्न और जल का दान करें। मान्यता है कि इससे सूर्य देव और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें: सुबह स्नान के बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। मान्यता के अनुसार इससे सूर्य की शुभता बढ़ती है और सफलता के मार्ग खुलते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।