शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं, जिसके कारण इनका शुभ या अशुभ प्रभाव लंबे समय तक रहता है। ज्योतिष में शनि को न्याय और कर्मफलदाता ग्रह माना जाता है। शनिदेव व्यक्ति को उनको कर्मों के आधार पर अच्छा और बुरा फल प्रदान करते हैं। शनि एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं जिसके कारण शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव लंबे समय तक रहता है। शनि अगर कुंडली में अच्छी स्थिति में होते हैं तो व्यक्ति को फर्श से अर्श तक पहुंचा देते हैं, वहीं अगर कुंडली में शनि की स्थिति अच्छी नहीं है तो व्यक्ति को जीवन में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। शनि के राशि परिवर्तन के साथ-साथ एक निश्चित अंतराल पर नक्षत्र परिवर्तन भी करते हैं। पंचांग के अनुसार, शनिदेव 17 अप्रैल को नक्षत्र परिवर्तन करने वाले हैं। 17 अप्रैल 2026 को शाम 4 बजकर 5 मिनट पर शनि देव उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं। जो 17 मई तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। शनि के नक्षत्र परिवर्तन से कुछ राशि पर अच्छा तो कुछ पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। आइए जानते हैं शनि के नक्षत्र परिवर्तन से किन राशियों पर सबसे ज्यादा प्रभाव रहेगा।
Shani Nakshatra 2026: शनिदेव 17 अप्रैल को बदलेंगे नक्षत्र परिवर्तन, इन चार राशियों रह सकते हैं भारी
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Vinod Shukla
Updated Mon, 13 Apr 2026 04:45 PM IST
सार
17 अप्रैल को शनि उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिससे कुछ राशि वालों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
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