दंडाधिकारी शनिदेव 29 सितंबर की सुबह 10 बजकर 28 मिनट पर मार्गी हो रहे हैं। इससे पहले ये इसी वर्ष 11 मई को वक्री हुए थे। इस प्रकार भूमंडल पर पड़ रहा शनिदेव का नकारात्मक प्रभाव भी कम हो जाएगा। जिनकी जन्मकुंडली में शनिदेव की अशुभ स्थिति थी उनके लिए बहुत बड़ी राहत की खबर है। मकर तथा कुंभ राशि के स्वामी शनि मेष राशि में नीचराशिगत और तुला राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। इनके वक्री और मार्गी होने का प्रभाव जनमानस पर प्रत्यक्ष दिखाई देता है इसलिए सभी 12 राशियों पर इनके मार्गी होने का प्रभाव कैसा रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
मेष राशि- राशि से दशम कर्मभाव में शनिदेव का मार्गी होना कार्य व्यापार की दृष्टि से तो अच्छा रहेगा किंतु अत्यधिक खर्च के कारण आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। रोजगार में उन्नति होगी। माता पिता के स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दें। शासन सत्ता का पूर्ण सहयोग मिलेगा। राजनीति में अपना भाग्य आजमाना चाहें तो अवसर अनुकूल रहेगा विजय श्री की संभावना सर्वाधिक है। सुखभाव पर इनकी सप्तम दृष्टि के प्रभाव स्वरूप पारिवारिक जिम्मेदारियां तो बढ़ेंगी ही किसी न किसी के कारण मानसिक अशांति का सामना भी करना पड़ेगा।
बृषभ राशि- राशि से भाग्यभाव में गोचर कर रहे शनिदेव का मार्गी होना आपके लिए भाग्य उन्नति के नए द्वार खोलेगा। सोची समझी सभी रणनीति कारगर होगी। व्यापार के क्षेत्र में भी अप्रत्याशित सफलता मिलेगी। काफी दिनों का प्रतीक्षित कार्य भी संपन्न होगा। अपनी ऊर्जा शक्ति के बलपर कठिन परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करेंगे। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों एवं भाइयों से मतभेद न बढ़ने दें। धर्म एवं आध्यात्म क्षेत्र में रूचि बढ़ेगी। विदेश यात्रा अथवा विदेशी नागरिकता के लिए आवेदन करने की दृष्टि से भी अवसर अनुकूल रहेगा।
मिथुन राशि- राशि से अष्टमभाव में गोचर कर रहे शनिदेव का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता किन्तु कर्मभाव पर इनकी दृष्टि के प्रभाव स्वरूप शासन सत्ता का पूर्ण सहयोग मिलेगा। उच्चाधिकारियों से भी संबंध मधुर बनेंगे। अपनी योजनाओं को गोपनीय रखते हुए कार्य करेंगे तो सफलता की संभावना सर्वाधिक रहेगी। पैतृक संपत्ति जैसे मामलों का निपटारा होगा। कोर्ट कचहरी के मामले भी आपस में सुलझा लें तो बेहतर रहेगा। माता-पिता के स्वास्थ्य विशेष करके जोड़ों में दर्द, ज्वर, चक्कर आने वाले जैसे रोगों से खतरा रहेगा।
कर्क राशि- राशि सप्तम भाव में गोचर कर रहे शनिदेव के शुभ प्रभावस्वरूप शादी-विवाह संबंधित वार्ता में आ रही रुकावटें दूर होगी। ससुराल पक्ष से भी रिश्ते बेहतर होंगे। दैनिक व्यापारियों के लिए समय और अनुकूल रहेगा। केंद्र अथवा राज्य सरकार के संबंधित विभागों में रुके हुए कार्यों का निपटारा होगा। नए व्यापार आरंभ करने की दृष्टि से समय अनुकूल है किंतु साझा व्यापार करने से बचें। किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें, दिया गया धन वापस आने में संदेह। शनिदेव की पूर्ण दृष्टि के परिणामस्वरूप मानसिक अशांति रहेगी।