Shani Sade Sati: आज शनि जयंती है। हर वर्ष ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है। ऐसी मान्यता है कि शनि जयंती पर शनिदेव की पूजा-उपासना और दर्शन करने से कुंडली में मौजूद शनिदोष दूर हो जाते हैं। ज्योषिष में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है। शनि ग्रह को सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है इस कारण से जिन जातकों के ऊपर शनि की अशुभ छाया पड़ती है उनके जीवन में तरह-तरह की परेशानियां आती हैं। लेकिन दूसरी तरफ शनि ग्रह के आशीर्वाद से जातकों की जीवन रातों रात बदल जाता है। व्यक्ति के जीवन में सभी तरह के सुख और वैभव की प्राप्ति होती है।
{"_id":"64671b10a5d8c05639068428","slug":"shani-dev-favorite-zodiac-signs-no-effects-on-shani-sade-sati-these-rashi-2023-05-19","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Shani Sade Sati: जानिए क्यों नहीं होता इन 3 राशियों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती का असर ?","category":{"title":"Predictions","title_hn":"बोले तारे","slug":"predictions"}}
Shani Sade Sati: जानिए क्यों नहीं होता इन 3 राशियों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती का असर ?
Fri, 19 May 2023 12:16 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 19 May 2023 12:16 PM IST
विज्ञापन
shani sade sati 2023
- फोटो : अमर उजाला
शनिदेव
- फोटो : अमर उजाला
शनिदेव का न्याय और कर्मफलदाता भी माना जाता है। यह कर्म के अनुसार जातकों को शुभ-अशुभ फल प्रदान करते हैं। शनिदेव की धीमी चाल की वजह से यह किसी एक राशि में करीब ढाई वर्ष तक रहते हैं फिर इसके दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। शनि के राशि परिवर्तन से कुछ राशि के ऊपर शनि की साढ़ेसाती और कुछ पर ढैय्या शुरू हो जाती है। साढे़साती के दौरान जातकों के ऊपर सात साल तक शनि का प्रभाव रहता है। साढ़ेसाती और ढैय्या होने पर व्यक्ति के जीवन में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
shani gochar 2023
- फोटो : अमर उजाला
इन 3 राशियों के ऊपर नहीं रहता है साढ़ेसाती का असर
शनि एक से दूसरी राशि में परिवर्तन करने के लिए करीब ढाई वर्षों का समय लेते हैं। ऐसे में अगर किसी जातक की कुंडली में किसी ग्रह की शुभ दशा अगर पहले चल रही हो और उस पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाए तो ऐसे समय पर शनिदेव की अशुभ छाया बहुत कम पड़ती है। ऐसे स्थिति में शनि का नकारात्मक प्रभाव व्यक्ति के कार्यों पर नहीं पड़ता है।
Shani Jayanti 2023: आज शुभ योग में शनि जयंती, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और आरती
शनि एक से दूसरी राशि में परिवर्तन करने के लिए करीब ढाई वर्षों का समय लेते हैं। ऐसे में अगर किसी जातक की कुंडली में किसी ग्रह की शुभ दशा अगर पहले चल रही हो और उस पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाए तो ऐसे समय पर शनिदेव की अशुभ छाया बहुत कम पड़ती है। ऐसे स्थिति में शनि का नकारात्मक प्रभाव व्यक्ति के कार्यों पर नहीं पड़ता है।
Shani Jayanti 2023: आज शुभ योग में शनि जयंती, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और आरती
विज्ञापन
विज्ञापन
Shani Amavasya
- फोटो : iStock
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिदेव को दो राशियों का स्वामित्व प्राप्त है। ये राशियां होती है मकर और कुंभ। इसके अलावा तुला राशि शनिदेव की उच्च की राशि होती है। इस तरह से जब भी इन राशियों के ऊपर साढ़ेसाती का प्रभाव होता है तब कुंभ,मकर और तुला राशि के ऊपर इसका ज्यादा असर नहीं होता है।
Shani Jayanti 2023: 19 मई को है शनि जयंती, इन 5 राशियों पर रहेगी शनिदेव की विशेष कृपा
Shani Jayanti 2023: 19 मई को है शनि जयंती, इन 5 राशियों पर रहेगी शनिदेव की विशेष कृपा
विज्ञापन
शनिदेव
जब किसी जातक की कुंडली में शनि तीसरे, छठे, आठवें और बारहवें भाव में उच्च की स्थिति में मौजूद रहते हैं तो जातक के ऊपर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव नहीं पड़ता है। शनि ऐसे स्थिति में इन राशियों के ऊपर साढ़ेसाती का अशुभ प्रभाव नहीं पड़ता है।