ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, बुद्धि, धन, सौभाग्य और विस्तार का कारक माना जाता है। वहीं केतु को आध्यात्मिक चिंतन, वैराग्य और अप्रत्याशित बदलावों से जोड़कर देखा जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 31 अक्तूबर 2026 को सिंह राशि में गुरु और केतु की युति बनने जा रही है। इस ग्रह संयोग को लेकर ज्योतिष में विशेष चर्चा है। मान्यताओं के मुताबिक, इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग हो सकता है। खास तौर पर मेष, कर्क, सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों, करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़े नए अवसरों का संकेत दे सकता है। दृक पंचांग के अनुसार, 31 अक्तूबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। यह गोचर दोपहर लगभग 12 बजकर 2 मिनट पर होगा। सिंह राशि में केतु पहले से विराजमान हैं, इसलिए गुरु के प्रवेश के साथ दोनों ग्रहों की युति बनेगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस संयोग का परिणाम व्यक्ति की जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और अन्य ज्योतिषीय कारकों पर भी निर्भर करता है।
गुरु-केतु युति: 31 अक्तूबर को बनेगा दुर्लभ संयोग, मेष समेत इन 4 राशियों को मिल सकते हैं आर्थिक लाभ के अवसर
31 अक्तूबर 2026 को गुरु और केतु का खास संयोग बनने जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इसका प्रभाव मेष, कर्क, सिंह और धनु समेत कई राशियों पर पड़ सकता है। जानें किन राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और तरक्की के योग बन सकते हैं।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए गुरु-केतु का यह संयोग आर्थिक मामलों में नई संभावनाओं की ओर संकेत कर सकता है। लंबे समय से अटके किसी भुगतान या धन से जुड़े मामले में आगे बढ़ने की उम्मीद बन सकती है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है या अपनी योग्यता के आधार पर आय बढ़ाने का अवसर प्राप्त हो सकता है। कारोबारियों के लिए भी नए ग्राहकों, व्यावसायिक संपर्कों या किसी नई योजना से जुड़ने की संभावना बन सकती है। इस दौरान अपनी आर्थिक योजनाओं को व्यवस्थित करना और उपलब्ध अवसरों का सही आकलन करना उपयोगी रहेगा। किसी भी निवेश या बड़े वित्तीय निर्णय से पहले उसके जोखिमों को समझना जरूरी होगा।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए यह ग्रह संयोग करियर और आर्थिक स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। आय के नए स्रोत तलाशने या मौजूदा काम से बेहतर लाभ प्राप्त करने के अवसर सामने आ सकते हैं। नौकरीपेशा जातकों को अपनी मेहनत और कार्यक्षमता के कारण वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने का मौका मिल सकता है। कुछ लोगों के लिए पद, जिम्मेदारी या कार्यक्षेत्र में पहचान बढ़ाने की दिशा में परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। निवेश और बचत से जुड़े मामलों में भी आप अधिक सक्रिय हो सकते हैं। हालांकि, केवल लाभ की उम्मीद में कोई बड़ा फैसला लेने के बजाय अपनी जरूरतों, बजट और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखना बेहतर रहेगा।
सिंह राशि
गुरु और केतु की युति सिंह राशि में ही बनने जा रही है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। कारोबार करने वालों को किसी नई परियोजना, व्यावसायिक समझौते या पुराने संपर्क के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए नई जिम्मेदारी, पद में बदलाव या वेतन वृद्धि से जुड़ी संभावनाएं बन सकती हैं। इस अवधि में पहले से लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए भी प्रयास तेज हो सकते हैं। आपकी योजनाओं को आगे बढ़ाने में अनुभव और सही निर्णय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, किसी भी उपलब्धि को निश्चित मानने के बजाय लगातार मेहनत करना और परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलना जरूरी होगा।
धनु राशि
धनु राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए गुरु से जुड़ा यह ग्रह संयोग इस राशि के जातकों के लिए विशेष महत्व रख सकता है। आर्थिक मामलों में सुधार की संभावनाओं के साथ करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते तलाशने का अवसर मिल सकता है। शिक्षा, विदेश से जुड़े काम, कारोबार या निवेश की योजना बना रहे लोगों को कुछ सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। यदि आप लंबे समय से किसी लक्ष्य को पूरा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो इस दौरान अपनी योजना की समीक्षा करना और आगे की रणनीति तय करना उपयोगी रहेगा। व्यावसायिक मामलों में अनुभवी लोगों की सलाह काम आ सकती है। धन से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचना और सभी पहलुओं पर विचार करना बेहतर होगा।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।