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KujaKetu Yog: मंगल-केतु युति से बनने जा रहा है कुज-केतु योग, इन राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Wed, 21 May 2025 05:25 PM IST
सार
Mangal Ketu Yuti 2025: मंगल और केतु की युति उग्र ऊर्जा लेकर आती है। इस दौरान धैर्य बनाए रखना, वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखना तथा निर्णयों में सतर्कता बरतना बहुत जरूरी है। संयम और विवेक से काम लें, तभी आप इन नकारात्मक प्रभावों को कम कर पाएंगे।
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कुज-केतु योग
- फोटो : adobe stock
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Mangal Ketu Yuti: 7 जून को मंगल के सिंह राशि में प्रवेश करते ही, वहां पहले से मौजूद केतु के साथ उनका संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष में "कुज-केतु योग" कहा जाता है। यह संयोग खासतौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मंगल अग्नि तत्व का ग्रह है जो साहस, शक्ति और क्रोध का प्रतीक माना जाता है, वहीं केतु एक रहस्यमयी छाया ग्रह है जो मोक्ष, वैराग्य और भ्रम का कारक है। जब ये दोनों उग्र प्रवृत्ति वाले ग्रह अग्नि तत्व की ही राशि सिंह में मिलते हैं, तो यह स्थिति काफी विस्फोटक बन सकती है।
क्या होता है कुज-केतु योग?
कुज-केतु योग एक विशेष ग्रह योग है, जो मंगल (कुज) और केतु की युति (संयोग) से बनता है। यह योग वैदिक ज्योतिष में अशुभ और उग्र योग माना जाता है क्योंकि दोनों ग्रहों की प्रकृति उग्र और तीव्र मानी जाती है। जब मंगल और केतु एक ही राशि में आ जाते हैं, तब कुज-केतु योग बनता है।
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कुज-केतु योग
- फोटो : amar ujala
मेष राशि
मंगल-केतु की युति मेष राशि के पांचवें भाव में बनेगी, जिससे शिक्षा और संतान पक्ष में बाधाएं आ सकती हैं। जो लोग उच्च शिक्षा की योजना बना रहे हैं उन्हें रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। प्रेम जीवन में भी मनमुटाव की आशंका है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों और दोस्तों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलेगा।
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कुज-केतु योग
- फोटो : amar ujala
वृषभ राशि
वृषभ राशि के चौथे भाव में यह युति बन रही है, जिससे पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ सकता है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, खासतौर पर हृदय या माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामले परेशान कर सकते हैं। घर और संपत्ति से जुड़े विवाद भी सिर उठा सकते हैं।
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कुज-केतु योग
- फोटो : amar ujala
कर्क राशि
केतु और मंगल की युति कर्क राशि के दूसरे भाव में बन रही है, जो वाणी और धन से संबंधित होता है। इस दौरान आपकी भाषा उग्र हो सकती है जिससे सामाजिक छवि को नुकसान हो सकता है। आर्थिक मामलों में भी यह समय सावधानी से चलने का है, वरना धन हानि हो सकती है। निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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