नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा का अनुष्ठान करने से पहले शांति कलश की स्थापना करने का विधान है। इसका कारण यह है कि शास्त्रों में किसी भी शुभ काम को शांति पूर्वक संपन्न करने के लिए इसकी स्थापना को आवश्यक बताया गया है।
नवरात्र में कलश बैठाने का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि
शांति कलश में सभी देवी-देवताओं, समुद्रों, नदियों, नवग्रहों, ग्राम देवता, नगर देवता का वास माना जाता है। और यह संपूर्ण रूप में गणेश जी का स्वरूप भी माना जाता है क्योंकि इसमें विघ्नों को हरण करने की क्षमता होती है।
नवरात्र में कलश बैठाने का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि
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नवरात्र पूजा
- फोटो : getty images
शास्त्रों में बताया गया है कि कार्यों को शांति पूर्व संपन्न करने के लिए शुभ मुहूर्त में कलश बैठाना चाहिए। इसलिए नवरात्र के पहले दिन का महत्व कलश बैठाने को लेकर ही होता है।
नवरात्र में कलश बैठाने का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि
इस बार नवरात्र का आरंभ शनिवार के दिन हो रहा है और देवी घोड़े पर आ रही हैं ऐसे में देश, दुनिया और घर-परिवार में सुख शांति के लिए शांति कलश की स्थापना पूजन पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है।
नवरात्र में कलश बैठाने का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार नवरात्र में कलश बैठाने का समय सूर्योदय से 4 घंटे तक शुभ होता है इसके बाद अभिजित मुहूर्त में घट स्थापन किया जा सकता है। इस बार शनिवार के दिन घट स्थापन होने के कारण दिल्ली में घट स्थापन का शुभ मुहूर्त 6 बजकर 28 मिनट से 7बजकर 28 मिनट तक द्विस्वभाव लग्न कन्या में होगा। अन्य क्षेत्रों में घट स्थापना के लिए 6 बजकर 15 मिनट से 7 बजे तक का समय शुभ रहेगा।