महान ग्रह बुध वक्री अवस्था में कुंभ राशि पर गोचर करते हुए 4 फरवरी की रात्रि 10 बजकर 38 मिनट पर पुनः मकर राशि में प्रवेश करेंगे। 30 जनवरी की रात्रि 9 बजकर 16 मिनट पर वक्री हुए बुध 21 फरवरी की सुबह 6 बजकर 18 मिनट पर मार्गी होंगे। किसी भी जातक की जन्मकुंडली में कोई भी ग्रह यदि वक्री हो तो कार्य बाधाएं उत्पन्न करेंगे जितना फल देना चाहिए उतना नहीं दे पायेंगे। वक्री होने का तात्पर्य है उस ग्रह का वापस मुड़ जाना, अपनी गति बदल लेना अथवा व्यावहारिक भाषा में कहें तो मुंह फेर लेना। वक्री ग्रह यदि अशुभ भाव में होते हैं तो वै अधिक कष्ट कारक होते हैं क्योंकि शुभभाव में रहते हुए तो वह शुभता में कमी करेंगे जिसका बहुत ज्यादा असर जीवन पर नहीं पड़ेगा। प्राणी किसी न किसी तरीके से संबंधित ग्रह के दुष्प्रभाव को संभाल लेगा किन्तु, अशुभ भाव में रहेंगे तो अधिक प्रताड़ित कर देंगे। वक्री बुध का सभी बारह राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
4 फरवरी को वक्री अवस्था में बुध देव मकर राशि करेंगे प्रवेश, जानें किसे होगी हानि, किसे मिलेगा लाभ
पं जयगोविंद शास्त्री, ज्योतिषाचार्य, नई दिल्ली
Published by: रुस्तम राणा
Updated Tue, 02 Feb 2021 12:29 PM IST
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