Negative Effects of Ketu Transit: केतु एक छाया ग्रह है जिसे वैदिक ज्योतिष में अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। यह ग्रह वैराग्य, आध्यात्मिकता और मोक्ष के कारक होते हैं। केतु ग्रह हमारी आत्मा से जुड़ी गहरी प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है। केतु का गोचर राशियों पर गहरा प्रभाव डालता है और इसका प्रभाव लंबे समय तक रहता है। यह हर 18 महीने में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है। इसलिए शनि के बाद केतु का गोचर सबसे अधिक प्रभावशाली और लंबे समय तक असर डालने वाला माना जाता है।
Ketu Gochar: मई में केतु करेंगे 2 बार गोचर, जानें कौन सी 3 राशियां रहेंगी सबसे अधिक प्रभावित
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Wed, 23 Apr 2025 02:35 PM IST
सार
Zodiac Signs Affected by Ketu: केतु का गोचर राशियों पर गहरा प्रभाव डालता है और इसका प्रभाव लंबे समय तक रहता है। यह हर 18 महीने में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है। मई 2025 में, 18 तारीख को केतु प्रातः 4:30 बजे सिंह राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
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