महान पराक्रमी ग्रह पृथ्वीपुत्र मंगल 22 अक्टूबर की मध्यरात्रि पश्चात कन्याराशि में पूर्व दिशा में उदय हो रहे हैं, यहां से 10 नवंबर को दोपहर बाद तुला राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल का राशि परिवर्तन हो या उदय होना और अस्त होना फलित ज्योतिष के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि जिस जातक की जन्म कुंडली में मंगल अस्त हो या कमजोर हो उनमें ऊर्जा शक्ति की कमी देखी जाती है और रक्त विकार संबंधी समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती है। मंगल के उदय होने से शासन सत्ता पर तो इसका प्रभाव पड़ेगा ही प्राणियों के निजी जीवन में भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अतः सभी 12 राशियों के लिए इनका उदय होना इस तरह का प्रभाव डालेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
मेष राशि- थकावट दूर होगी, स्वास्थ्य पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा, शत्रु परास्त होंगे, मुकदमों में सफलता मिलेगी। ऋण रोग और शत्रुओं से भय समाप्त होगा किंतु अधिक व्यय से बचें अन्यथा आर्थिक तंगी बढ़ सकती है।
वृषभ राशि- शिक्षा प्रतियोगिता में आशा अनुरूप सफलता मिलेगी, संतान के दायित्व की पूर्ति होगी किंतु प्रेम संबंधों के मामलों में उदासीनता रहेगी इसलिए बेहतर है कि अपने करियर और शिक्षा पर ध्यान लगाएं।
मिथुन राशि- मकान वाहन संबंधी चिंता तो दूर होगी किंतु माता के स्वास्थ्य के प्रति प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। मानसिक अशांति रहेगी, धैर्य और संयम से काम लें यात्रा के समय सामान भूलने अथवा चोरी होने से बचाएं।
कर्क राशि- आपके द्वारा लिए गए निर्णय एवं किए गए कार्यों की सराहना तो होगी किंतु परिवार के बड़े लोगों अथवा भाइयों से मतभेद ना पैदा होने दें। अपनी ऊर्जा शक्ति का सदुपयोग सही दिशा में करें।