12 दिसंबर सोमवार को मंगल ग्रह का संचार कुंभ राशि में होने जा रहा है जहां केतु के साथ इनका संयोग बनेगा। ग्रहों का यह संयोग शुभ संकेत नहीं दे रहा है, जानिए क्या होने वाला है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इन दोनों क्रूर ग्रहों के मिलने से इनकी क्रूरता और बढ़ेगी जिससे कुछ बड़ी अनहोनी हो सकती है। इन दोनों ग्रहों का असर देश दुनिया के साथ राजनीति और प्रकृति पर भी होगा जिससे आप प्रभावित होंगे।
मंगल-केतु का खतरनाक योग मोदी सरकार की बढ़ा सकता है मुश्किलें
सबसे पहले हम बात करें नोटबंदी की तो इसे लागू हुए अब एक महीने से अधिक समय हो चुका है लेकिन सरकार के वादे के मुताबिक आर्थिक हालात सामान्य होने की बजाये बिगड़ते हुए लग रहे हैं। बैंकों और एटीएम के बाहर लगी लंबी लाइनें, ग्राहकों को तरसते बाजार और मंडियां, नकदी की किल्लत से जूझते आम लोगों को देखकर आज के समय यह यकीन कर पाना कठिन है की भारत विश्व की तीसरी सबसे तेज़ी से बढ़ती हुई अर्थव्यस्था है।
मंगल-केतु का खतरनाक योग मोदी सरकार की बढ़ा सकता है मुश्किलें
ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि से देखें तो 12 दिसंबर को कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे मंगल सरकार के लिए मुश्किलें ओर बढ़ा सकते हैं। कुंभ राशि में बनाने वाला मंगल और केतु का अशुभ योग प्राकृतिक आपदाओं, हवाई दुर्घटनाओं और राजनीतिक उठापटक का प्रबल ज्योतिषीय संकेत दे रहे हैं।
मंगल-केतु का खतरनाक योग मोदी सरकार की बढ़ा सकता है मुश्किलें
मेदिनी ज्योतिष में मंगल के राशि परिवर्तन से मौसम में बदलाव से साथ-साथ बड़ी घटनाओं के घटित होने संबंधी भविष्यवाणियां की जाती हैं। अब 12 दिसंबर को कुंभ राशि में आ रहे मंगल आज़ाद भारत की कुंडली के दशम भाव को पीड़ित कर सरकार की मुसीबतें ओर बढ़ा देंगे।
मंगल-केतु का खतरनाक योग मोदी सरकार की बढ़ा सकता है मुश्किलें
शनि की साढ़ेसाती से गुज़र रही बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद में विपक्ष के तीखे हमलों का सामना करना होगा। नोटबंदी से संबंधित किसी बड़े आर्थिक घोटाले में सत्ता पक्ष के नेता का नाम आने से प्रधानमंत्री मोदी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।