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एक साथ चार ग्रह चलेंगे उलटी चाल, क्या होगा देश-दुनिया और आप पर असर
Sat, 16 Apr 2016 03:55 PM IST
सचिन मल्होत्रा/ज्योतिषशास्त्री
सचिन मल्होत्रा/ज्योतिषशास्त्री
Updated Sat, 16 Apr 2016 03:55 PM IST
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ग्रह नक्षत्र
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17 अप्रैल को मंगल जब वृश्चिक राशि में वक्री होंगे तब वह वर्तमान में वक्री गति से गोचर कर रहे शनि और गुरु के साथ मिल कर एक विलक्षण ग्रह योग का निर्माण करेंगे। ऐसा संयोग कई दशकों बाद होगा जब यह तीनों बड़े ग्रह एक साथ वक्री गति से गोचर कर रहे होंगे। यह संजोग 17 अप्रैल से 9 मई तक रहेगा जिस दिन गुरु मार्गी गति में प्रवेश करेंगे। इस बीच 28 अप्रैल को बुध भी वक्री हो जाएंगे और उस समय एक साथ 4 ग्रह वक्री अवस्था में रहेंगे जो की एक अद्भुत ज्योतिषीय संजोग होगा।
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मेष राशि
- फोटो : mars
ज्योतिषशास्त्री मान रहे हैं कि इस योग के प्रभाव से सूखा पड़ेगा, भूकंप, युद्ध और शेयर बाजार में गिरावट से देश-दुनिया में भारी उथल-पुथल मचेगी। अग्नि तत्व प्रधान ग्रह मंगल आगामी 29 जून तक वक्री गति से गोचर करेंगे। मंगल की यह उलटी चाल तेज गर्मी और मानसून में देरी से देश में चल रहे सूखे के हालात और बिगाड़ देगी।
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ग्रह नक्षत्र
ज्योतिष के ग्रन्थ भविष्यफल भास्कर के अनुसार मंगल और शनि जब एक साथ वृषभ, वृश्चिक, धनु या मीन में वक्री होते हैं तो दुनिया भर में मनुष्यों और पशुओं को युद्ध व अकाल से भारी क्षति पहुंचती है। मेदिनी ज्योतिष के ग्रंथों के अतरिक्त लोक भाषा में प्रचलित कहावतों में भी मंगल और शनि के एक साथ वक्री होने को बहुत घातक माना गया है।
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घाघ-भड्डरी की एक प्रसिद्ध कहावत के अनुसार जब मंगल और शनि दोनों एक साथ वक्री होते हैं तो उस वर्ष कम वर्षा और धूल भरी आंधियां चलने के कारण संसार में कष्ट व्याप्त होता है। मंगल शनि वक्रै हुई जगत पीर सब थाई। अल्प मेह दुःख राजा को घनी चलत जग बाई।। भारत में पिछले दो वर्षों में सामान्य से कम वर्षा होने के कारण इस समय 12 राज्य एक साथ सूखे का सामना कर रहे हैं। अब अशुभ ग्रहों मंगल और शनि का एक साथ वक्री होना न केवल रिकॉर्ड-तोड़ गर्मी पड़ने का संकेत है, अपितु इस योग के प्रभाव के चलते दक्षिण-पश्चिम मानसून में भी विलम्ब हो सकता है।
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ग्रह
जून के महीने में कम बारिश होने से देश में सूखे के कारण कई स्थानों में पानी को ले कर केंद्र और राज्य की सरकारों के विरुद्ध जन आंदोलन हो सकते हैं। पानी की कमी के कारण मई के महीने में पूर्वोत्तर के और पहाड़ी राज्यों को छोड़ कर बाकी स्थानों पर आम जनता के साथ मवेशियों को काफी कष्ट उठाना पड़ सकता हैl इसके अतिरिक्त मई-जून में मंगल-शनि के एक साथ वक्री होने से विश्व में कई देशों के मध्य युद्ध जैसे हालत पैदा होने के ज्योतिषीय योग भी बन रहे हैं। नार्थ कोरिया और साउथ कोरिया, इजराइल और ईरान तथा भारत और पाकिस्तान के मध्य तनाव बढ़ने से शेयर बाजार में तेज गिरावट देखी जा सकती है।
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