ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से जुलाई का महीना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अवधि में आकाश मंडल में स्थित ग्रहों की स्थिति में विशेष परिवर्तन होने जा रहा है, जिसका प्रभाव संपूर्ण जनमानस पर पड़ने की संभावना है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस माह दो प्रमुख ग्रहों की गति में हो रहा बदलाव सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और वे ग्रह हैं शनि देव तथा देवगुरु बृहस्पति। न्याय और कर्मफल के अधिपति माने जाने वाले शनि देव इस माह वक्री गति में प्रवेश करेंगे, अर्थात वे अपनी सामान्य दिशा के विपरीत गोचर करते दिखेंगे। इससे पूर्व 15 जुलाई के आसपास देवगुरु बृहस्पति भी अस्त अवस्था में चले जाएंगे। बृहस्पति को ज्ञान, बुद्धि तथा धन का कारक ग्रह माना जाता है। शनि देव की वक्री यात्रा 27 जुलाई से प्रारंभ होने की संभावना जताई जा रही है। इन दोनों ग्रहों के परिवर्तन का प्रभाव प्रत्येक राशि पर भिन्न-भिन्न रूप से पड़ेगा। कुछ राशियों के लिए यह समय अनुकूल फल देने वाला रहेगा, तो कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। ज्योतिषविदों के मुताबिक कुछ राशि के जातकों को इस माह विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए। आगे जानते हैं इन तीन राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव के विषय में।
July 2026 Planetary Transits: शनि की वक्री चाल और गुरु के अस्त होने से इन राशियों पर बढ़ेगा दबाव
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता सिंह
Updated Tue, 30 Jun 2026 01:54 AM IST
सार
जुलाई 2026 में शनि वक्री और गुरु अस्त का सभी राशियों पर असर पड़ेगा। जानें सिंह, धनु और कुंभ राशि के जातकों को किन बातों में विशेष सतर्क रहना चाहिए।
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