Holashtak 2026: आज यानी 24 फरवरी से होलाष्टक आरम्भ हो रहे हैं जो कि अगले 8 दिन तक ररहेंगे। वैदिक शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक के 8 दिन को अशुभ माना जाता है और इस दौरान किसी भी प्रकार का मंगल कार्य करना वर्जित है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अष्टमी तिथि को चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल और पूर्णिमा के दिन राहु की स्थिति उग्र रहती है। यानी की नवग्रह प्रतिकूल रहते हैं।
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इस वजह से इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करना मना होता है। साथ ही इस समय राहु और मंगल कुंभ राशि में गोचर करते हुए अंगारक योग भी बना रहे हैं। इसके चलते होलाष्टक के दिनों में 5 राशियों पर इन ग्रहों का प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिलेगा। आइये जानते हैं कौन सी हैं वो राशियां।
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धन से जुड़े फैसलों में सावधानी जरूरी होगी।
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मिथुन राशि
इस समय मिथुन राशि में गुरु का गोचर चल रहा है और होलाष्टक के अंतिम चरण में गुरु उग्र अवस्था में माने जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में मिथुन राशि के जातकों को मानसिक और आर्थिक दबाव झेलना पड़ सकता है। नवम भाव में राहु की स्थिति भाग्य संबंधी मामलों में भ्रम और अस्थिरता पैदा कर सकती है। धन से जुड़े फैसलों में सावधानी जरूरी होगी, क्योंकि अनियोजित खर्च बढ़ सकते हैं या कर्ज लेने की नौबत आ सकती है। मन में दुविधा और असमंजस बना रह सकता है, जिससे निर्णय लेने में कठिनाई होगी।
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आवेश में लिया गया कोई भी निर्णय नुकसान पहुंचा सकता है।
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कर्क राशि
होलाष्टक की शुरुआत में कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में स्थित रहेंगे, लेकिन उग्र प्रभाव के कारण भावनात्मक अस्थिरता बढ़ सकती है। कर्क राशि के लोगों को इस दौरान विशेष धैर्य रखने की आवश्यकता होगी। जल्दबाजी या आवेश में लिया गया कोई भी निर्णय नुकसान पहुंचा सकता है। विशेष रूप से वाहन चलाते समय या जोखिम भरे कार्य करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि चोट या दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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कार्यस्थल पर मनचाहा सहयोग न मिलने से निराशा हो सकती है।
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सिंह राशि
सिंह राशि के स्वामी सूर्य नवमी तिथि के आसपास उग्र प्रभाव में रहेंगे। सूर्य के अशांत प्रभाव के कारण आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। पिता या किसी वरिष्ठ व्यक्ति के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है। कार्यस्थल पर भी मनचाहा सहयोग न मिलने से निराशा हो सकती है। साथ ही केतु का गोचर आपकी राशि में होने से एकाग्रता में कमी और काम में मन न लगने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
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कार्यक्षेत्र में तनाव, प्रतिस्पर्धा और दबाव बढ़ सकता है।
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कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण संकेत दे रहा है। एक ओर साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है, वहीं राहु और मंगल की युति से अंगारक योग बन रहा है। इस योग के कारण करियर में अचानक उतार-चढ़ाव या विवाद की स्थिति बन सकती है। कार्यक्षेत्र में तनाव, प्रतिस्पर्धा और दबाव बढ़ सकता है। पारिवारिक जीवन में भी गलतफहमियां पनप सकती हैं। धैर्य और संयम की कमी समस्याओं को और बढ़ा सकती है।