मार्च के महीने में इस बार दो ग्रहण होने जा रहे हैं, जिसमें 9 मार्च को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण स्थिर राशि कुंभ में और 23 मार्च को लगने वाला चन्द्र ग्रहण पृथ्वी तत्व की राशि कन्या को प्रभावित करेगा। इन दोनों ग्रहणों में 9 मार्च को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बहुत अहम है। इस पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय बन रही ग्रह स्थिति कई कारणों से बड़े भूकम्प की आशंका को जन्म दे रही है।
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सूर्य ग्रहण
- फोटो : solar eclipse
ग्रहण के समय सूर्य सहित 7 ग्रह और राहु-केतु दो छाया ग्रह सभी स्थिर राशियों में रहेंगे। स्थिर राशियों कुम्भ, सिंह और वृश्चिक का पीड़ित होना भूकम्प का योग बना रहा है।
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सूर्य ग्रहण
- फोटो : solar eclipse
ग्रहण की राशि कुम्भ पर मंगल की दृष्टि बृहत् संहिता के अनुसार युद्ध , महंगाई, आकाल और राजा को कष्ट का योग है। मंगल का वृश्चिक राशि में शनि के साथ युत होना इस राशि के प्रभाव क्षेत्र दिल्ली-एनसीआर के लिए शुभ नहीं है।
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ग्रहण कुंडली
- फोटो : eclipse
सूर्य ग्रहण और चन्द्र ग्रहण दोनों एक ही चन्द्र मास फाल्गुन में पड़ रहे हैं जो की बृहत् संहिता के अनुसार बेहद अशुभ और आम जनता को जान-माल की हानि पहुंचने का बड़ा योग है। ग्रहण के समय सूर्य और चन्द्रमा पृथ्वी तत्व के नवांश वृषभ में होंगे। इसके साथ ही अन्य दो पृथ्वी तत्व के नवमांशों कन्या और मकर में क्रमश मंगल और शनि के रहने से भी भूकंप का योग बनता है।
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ग्रहण कुंडली
- फोटो : eclipse kundli
अन्य देश जो इससे प्रभावित हो सकते हैं उनमें सिंह राशि से प्रभावित अमेरिका के वाशिंगटन , वृषभ राशि से प्रभावित ईरान और कर्क राशि से प्रभावित चीन के उत्तर पश्चिम में मार्च और अप्रैल के महीनों भूकंप की आशंका दर्शाता है। यहां यह बात ध्यान रखने की है की ज्योतिषशास्त्र केवल भूकम्प की आशंका मात्र ही बता सकता है उसकी कोई सटीक भविष्वाणी नहीं कर सकता।