1947 में आजादी के बाद से 1966 तक जब पंजाब से अलग होकर हरियाणा राज्य बना , कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्रियों ने प्रदेश में शासन किया। किन्तु 1966 के बाद से पंजाब की राजनीति में आकली दल ने कांग्रेस को कड़ी चुनौती देनी शुरू कर दी। कभी अकाली तो कभी कांग्रेस, पंजाब की राजनीति इन्हीं दो ध्रुवों के बीच घूमती रही। साठ के दशक के बाद कैरों, बादल, मजीठीया, बरार और पटियाला के राजपरिवार के बीच हुए विवाह संबंधों ने पंजाब की राजनीति में अकाली और कांग्रेस में शामिल इन परिवारों का ऐसा दबदबा बना दिया कि तब से अब तक सूबे के सभी मुख्यमंत्री इन्हीं 6 परिवारों में से हुए हैं। किन्तु अब ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह स्थिति अबकी बार बदलती हुई दिख रही हैं।
पंजाब में अबकी बार किसकी सरकार, बादल-अमरिंदर या कोई और!
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अमरिंदर सिंह
- फोटो : SELF
कांग्रेस पार्टी के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कुंडली धनु लग्न और धनु राशि की है। 11 मार्च 1942 को सुबह 3 बजकर 45 मिनट पर पटियाला शहर में जन्मे अमरिंदर सिंह इस समय गुरु में चंद्रमा की विंशोत्तरी दशा में चल रहे हैं । गुरु लग्नेश होकर छठे भाव में शनि और मंगल के साथ युत हैं। अंतर्दशानाथ चंद्रमा अष्टमेश होकर लग्न में कमजोर स्थिति में हैं। गुरु और चंद्रमा की यह 6-8 की परस्पर स्थिति रोग और शत्रु बाधा को योग बना रही है। नवांश कुंडली में भी चंद्रमा अष्टम भाव में प्रतिकूल स्थिति में हैं। धनु राशि के चंद्रमा पर चल रहे गोचर के शनि उनको मुख्यमंत्री तो नहीं बनने देगें किन्तु चुनावों में कांग्रेस पार्टी की सीटें बढ़ने से उनका प्रदेश की राजनीति में रुतबा बढ़ जाएगा।
पंजाब में अबकी बार किसकी सरकार, बादल-अमरिंदर या कोई और!
14 दिसंबर 1920 को दोपहर 12 बजे कुंभ लग्न में स्थापित हुए आकली दल की हालात पतली नजर आ रही है। पार्टी की कुंडली में हानि के 12 वें भाव में पड़े शुक्र की दशा और साढ़ेसाती के प्रभाव से एक बड़ी हार सामने खड़ी दिख रही है । आकली दल की सहयोगी बीजेपी की मिथुन लग्न की कुंडली में चल रही सूर्य में केतु की अशुभ दशा उससे पंजाब में बड़ा नुकसान पंहुचा सकती है। ड्रग्स, कैंसर और बेरोजगारी से त्रस्त पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों के वोटर अकाली-भाजपा को तगड़ा झटका दे सकते हैं। 8 दिसंबर 1927 को वृषभ राशि में जन्मे आकली दल के नेता और पांच बार मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल पर चल रही शनि की ढैय्या उनके राजनीतिक करियर के लिहाज से कठिन रहेगा।
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पंजाब चुनाव पर केजरीवाल ने जारी किया 'आप' का यूथ मेनीफेस्टो
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अब बात करें आम आदमी पार्टी की तो 26 नवंबर 2012 को दोपहर 12 बजे मकर लग्न में स्थापित इस पार्टी की कुंडली में वर्तमान में शुक्र में मंगल की विंशोत्तरी दशा चल रही है। योगकारक शुक्र यहां दशम भाव में शनि और बुध के साथ राजयोग में सम्मिलित होकर पार्टी को चुनावों में सफलता का ज्योतिषीय संकेत दे रहे हैं।
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अंतर्दशानाथ मंगल लाभेश होकर 12 वें भाव में धनु राशि में स्थित है। मंगल के प्रभाव से पार्टी को पंजाब और गोवा के विधानसभा चुनावों में बड़ी सफलता तो मिल सकती है किन्तु कलह और क्लेश होने भी स्वभाविक दिख रहे हैं। पंजाब में कांग्रेस और अकाली दल की कमजोर स्थिति का लाभ आम आदमी पार्टी को होगा। मकर राशि से प्रभावित पंजाब प्रदेश का मुख्यमंत्री इस बार कोई अप्रत्याशित चेहरा हो सकता है। आम आदमी पार्टी की पंजाब में जीत और गोवा में अच्छा प्रदर्शन देश की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है।
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