समुद्रशास्त्र जिसकी रचना भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय ने की है ऐसा माना जाता है। इसमें शरीर के अंगों पर मौजूद चिन्ह, हथेली में मौजूद रेखाओं और शरीर की बनावट के आधार पर व्यक्ति के गुण, स्वभाव, धन, प्रेम, विवाह और संतान के बारे में भविष्यवाणी की गई है। इसमें कुछ ऐसे चिन्ह बताए गए हैं जो नपुंसकता की ओर इशारा करते हैं यानी व्यक्ति संतान उत्पन्न करने की क्षमता में कमी की ओर इशारा करते हैं।
समुद्रशास्त्र के अनुसार यह निशानी हैं नपुंसकता के
राकेश्ा झा / टीम डिजिट, अमर उजाला, दिल्ली।
Updated Wed, 24 Aug 2016 07:51 AM IST
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समुद्रशास्त्र के अनुसार यह निशानी हैं नपुंसकता के
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