हथेली में इस रेखा का होना पुरुषों के लिए ठीक नहीं
हथेली में एक रेखा होती है जिसे असंयम रेखा के नाम से जाना जाता है। अपने नाम के अनुसार यह रेखा व्यक्ति को असंयमी बनाता है यानी व्यक्ति अपने मन और भावनाओं को जल्दी काबू खो देता है। इसका असर व्यक्ति की सेक्स लाइफ पर अधिक देखा जाता है। ज्योतिषशास्त्री चन्द्रप्रभा इस रेखा के बारे में बात करते हुए क्या कह रही हैं आप खुद देख लीजिए।
हथेली में इस रेखा का होना पुरुषों के लिए ठीक नहीं
कुछ लोगों की हथेली में बुध रेखा या चन्द्र रेखा के समानांतर एक छोटी रेखा चलती है यह रेखा बुध रेखा को विशेष शक्ति प्रदान करती है और यह शक्ति केवल और केवल अधिक कामुकता के रुप में सामने आती है। जबकि कुछ लोगों की हथेली में लासिवा या असंयम रेखा शुक्र पर्वत से लेकर चंद्र पर्वत तक एक पुल की तरह होती हैं जो धनुषाकार में नजर आती है। इसे अर्धचन्द्राकार रुप में भी देखा जा सकता है।
हथेली में इस रेखा का होना पुरुषों के लिए ठीक नहीं
यह रेखा शुक्र तथा चंद्र पर्वतों को जोड़ने का काम करती है इसलिए यह चन्द्र तथा शुक्र का फल एक साथ प्रदान करती है। यह रेखा केवल “अधिकता” की ओर इशारा करती है इसलिए इसे शुभ नहीं माना जाता है। लासिवा शब्द अंग्रेजी के “लैसीवियस” शब्द से बना है जिसका अर्थ कामुक है।
हथेली में इस रेखा का होना पुरुषों के लिए ठीक नहीं
यह रेखा यदि किसी पतले व मुलायम हाथ पर पाई जाए तो व्यक्ति में मानसिक कामुकता प्रबल होती है। साथ ही वह शराब आदि का नशा भी करता है। अगर इस रेखा वाले व्यक्ति के हाथ में मस्तिष्क रेखा कमजोर होने के साथ उसका अंगूठा भी छोटा हो और छोटे अंगूठे का पहला पर्व बड़ा हो जाए तो व्यक्ति काम वासना के विषय में अंधा हो जाता है।
हथेली में इस रेखा का होना पुरुषों के लिए ठीक नहीं
यदि यह रेखा जीवन रेखा को काटती हुई चन्द्र पर्वत तक पहुंचती है और जीवन रेखा कमजोर होती है तब ऎसा व्यक्ति अत्यधिक कामुकता के कारण अस्वस्थ रहता है। यदि यह रेखा भारी हाथ वाले व्यक्ति के हाथ में स्थित है और साथ ही उसका शुक्र पर्वत व आक्रामक पर्वत भी उन्नत हों तब ऎसा व्यक्ति काम की तृप्ति में किसी नियम को नहीं मानता है।