Kumbh Sankranti Ka Daan: 13 फरवरी, मंगलवार को दोपहर 03:31 मिनट पर सूर्य गृह मकर से निकाल कुंभ राशि में गोचर करेंगे। जब सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं तब कुंभ संक्रांति कहलाती है। कुंभ संक्रांति में पुण्य काल और महापुण्य काल का विशेष महत्व है। पुण्यकाल और महापुण्य काल में दान करने से आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है और पितृदोष से भी मुक्ति मिलती है। कुंभ संक्रांति का पुण्यकाल प्रातः 09:50 से दोपहर 03:50 तक रहेगा। वहीं महापुण्यकाल दोपहर 02:00 बजे से 03:54 तक रहेगा। आइए जानते हैं कुंभ संक्रांति पर क्या दान करना चाहिए।
कुंभ संक्रांति पर करें ये दान, पितृदोष से मिलेगी मुक्ति
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सीधा दान
कुंभ संक्रांति पर तेल, आटा, नमक, चावल, घी, गुड और दाल शामिल। इसे आमान्न दान कहते हैं। इस दान को करने के बास से पितृदोष में मुक्ति मिलती और सभी रुके हुए कार्य पूरे होते हैं। अगर आप बार-बार बीमार होते रहते हैं, तो कुंभ संक्रांति के दिन गुड़ का दान जरूर करें।
वस्त्र दान
गरीबों और जरूरत मंदों को अन्न के साथ वस्त्र दान करने का दोगुना पुण्य मिलता है। अनाज, कपड़े, कंबल और अन्य जरूरी चीजों का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन लाल रंग के कपड़े का दान करना शुभ माना जाता है। साथ ही सूर्य के साथ-साथ मंगल दोष से भी छुटकारा मिल सकता है और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
पांच फलों का दान
कुंभ संक्रांति के दिन कोई भी 5 फल लेकर उसे मंदिर में दान करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है।
तांबे का दान
मंगल और सूर्य संबंधित दोषों को दूर करने के लिए तांबे का दान करना चाहिए। तांबा सूर्य की धातु कहलाता है। , इसलिए इस दिन तांबे के बर्तन का दान करने से कुंडली में स्थित सूर्य की स्थिति मजबूत हो सकती है और शुभ परिणाम मिल सकते हैं।