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Hariyali Amavasya 2021: हरियाली अमावस्या के दिन अपनी राशि के अनुसार लगाएं पौधे, परेशानियां होंगी दूर

Thu, 29 Jul 2021 12:39 PM IST
रुस्तम राणा पं. मनोज कुमार द्विवेदी, ज्योतिषाचार्य, नई दिल्ली
पं. मनोज कुमार द्विवेदी, ज्योतिषाचार्य, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Thu, 29 Jul 2021 12:39 PM IST
सार

हरियाली अमावस्या पर पेड़-पौधों को नया जीवन प्रदान होता है और पेड़-पौधों से मनुष्य का जीवन सुरक्षित होता है इस कारण वृक्षों की पूजा का हरियाली अमावस्या पर खास महत्व होता है। इस दिन पीपल की पूजा की जाती है।

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Hariyali Amavasya 2021 religious significance of Hariyali Amavasya plant tree according your zodiac sign
हरियाली अमावस्या 2021 - फोटो : सोशल मीडिया

अमावस्या तिथि बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखती है। हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष का यह अंतिम दिन होता है। अमावस्या की रात्रि को चंद्रमा घटते-घटते बिल्कुल लुप्त हो जाता है। सूर्य ग्रहण जैसी खगोलीय घटनाएं केवल अमावस्या तिथि को ही घट सकती हैं। कुल मिलाकर अमावास्या तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है लेकिन धार्मिक रूप से तो अमावस्या और भी खास होती है।



स्नान दान के लिए तो यह बहुत ही सौभाग्यशाली तिथि मानी जाती है विशेषकर पितरों की आत्मा की शांति के लिए हवन-पूजा, श्राद्ध, तर्पण आदि करने के लिये तो अमावस्या श्रेष्ठ तिथि होती है। आइये जानते हैं सावन अमावस्या व इसके महत्व के बारे में।

श्रावण मास वर्षा ऋतु का माह होता है। इस माह में मौसम का नज़ारा इतना मनोरम होता है कि बादलों की घटा में प्रकृति की छटा भी बिखरी हुई नज़र आती है। हर ओर हरियाली छाने लगती है। पेड़ पौधे बारिश की बूंदों में धुलकर एकदम तरोताज़ा हो जाते हैं। इसीलिए सावन मास की अमावस्या बहुत खास मानी जाती है।

श्रावणी अमावस्या से पहले सावन शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। सावन शिवरात्रि से अगला दिन श्रावणी अमावस्या का होता है। गर्मी से झुलसते पेड़ों को सावन की रूत नया जीवनदान देती है और हर ओर हरियाली छा जाती है। इस अमावस्या के तीन दिन बाद ही त्यौहारों का बीजारोपण करने वाला पर्व हरियाली तीज आता है इसलिए यह अमावस्या हरियाली अमावस्या भी कही जाती है। 

Hariyali Amavasya 2021 religious significance of Hariyali Amavasya plant tree according your zodiac sign
हरियाली अमावस्या 2021 - फोटो : सोशल मीडिया

हरियाली अमावस्या व्रत व पूजा विधि
चूंकि इस अमावस्या पर पेड़-पौधों को नया जीवन प्रदान होता है और पेड़-पौधों से मनुष्य का जीवन सुरक्षित होता है इस कारण वृक्षों की पूजा का हरियाली अमावस्या पर खास महत्व होता है। इस दिन पीपल की पूजा की जाती है। इसके फेरे लिए जाते हैं। मालपूओं का भोग लगाया जाता है।

पीपल, बरगद, केला, तुलसी आदि का वृक्षारोपण करना भी शुभ माना जाता है। दरअसल वृक्षों की प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करने के पर्व के रूप में हरियाली अमावस्या को जाना जाता है। इन वृक्षों में देवताओं का वास माना जाता है।

पीपल में जहां ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास बताया जाता है। वहीं आवंला में भगवान लक्ष्मीनारायण को विराजमान माना जाता है। इस दिन जौ, ज्वार, मक्का आदि की सांकेतिक बुआई भी की जाती है। गुड़ व गेंहू की धानि प्रसाद के रूप में वितरित की जाती है। उत्तर भारत में तो इसे पर्व के रूप में मनाया जाता है।

Hariyali Amavasya 2021 religious significance of Hariyali Amavasya plant tree according your zodiac sign
अपनी राशि के अनुसार लगाएं ये पौधे - फोटो : सोशल मीडिया

अपनी राशि के अनुसार लगाएं ये पौधे
वैसे तो पौधे कभी भी लगाए जा सकते हैं लेकिन हरियाली अमावस्या का अपना ही महत्व है। इसलिए कहा जाता है कि अगर कोई इस दिन अपनी राशि के अनुसार पौधे लगाए तो उसके सारे दु:ख-दर्द दूर हो जाते हैं।

साथ ही सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत का आशीर्वाद मिलता है। मानव कल्याण का पुण्य फल भी प्राप्त होता है। इसलिए भी यह दिन विशेष माना गया है। बता दें कि भारतीय संस्कृति में पुरातन काल से ही इस दिन पौधे रोपे जाने की परंपरा चली आ रही है।

ग्रह और व्यक्ति की राशियों के बीच गहरा संबंध होता है। इसलिए हरियाली अमावस्या के दिन अपनी राशि के अनुसार पौधे रोपने से व्यक्ति की परेशानियां दूर हो जाती हैं। तो अगर आप भी पौधे लगाने के बारे में विचार कर रहे हैं तो अपनी राशि के अनुसार पौधे लगाएं। 

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Hariyali Amavasya 2021 religious significance of Hariyali Amavasya plant tree according your zodiac sign
हरियाली अमावस्या 2021 - फोटो : iStock
राशि अनुसार पौधे

मेष राशिवाले जातक आंवला, वृष राशि के जातक जामुन, मिथुन राशि के जातक चंपा, कर्क राशि के जातक पीपल सिंह राशि के जातक वटवृक्ष और अशोक, कन्या राशि के जातक जूही और बेलपत्र, तुला राशि के जातक अर्जुन और नांग केसर, वृश्चिक राशि के जातक नीम, धनु राशि के जातक कनेर, मकर राशि के जातक नारियल, शमी पत्र कुंभ राशि के जातक आम और कदंब। वहीं मीन राशि वाले जातक बेर का पौधा लगाएं।

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