गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति जी का होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं। ये ज्ञान, नैतिक और धार्मिक कर्म, संतान, वृद्धि के कारक हैं। देवगुरु का आशीर्वाद पाने के लिए इस दिन केले के वृक्ष की पूजा होती है। साथ ही लोग इस दिन भगवान विष्णु जी की आराधना करते हैं। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, गुरुवार के दिन कुछ कार्य ऐसे होते हैं जिन्हें करने से देवगुरु बृहस्पति कमजोर होते हैं। ये कार्य इस प्रकार हैं -
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hair cutting
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धार्मिक शास्त्रों के अनुसार ज्योतिष में बृहस्पति को महिलाओं की कुंडली में पति और संतान का कारक माना जाता है। माना जाता है कि गुरुवार को महिलाओं को अपना सिर नहीं धोना चाहिए। इसके साथ ही न तो उनको इस दिन अपने बाल कटवाने चाहिए। अगर वे ऐसा करती हैं तो इससे उनकी जन्मकुंडली में बृहस्पति कमजोर होता है जिससे उनके दांपत्य जीवन में परेशानी आती है। पति व संतान की उन्नति भी रुक जाती है।
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नाखून
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गुरुवार के दिन नाखून नहीं काटने चाहिए और न ही दाड़ी बनानी या बनवानी चाहिए। क्योंकि शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि जो व्यक्ति ऐसा करता है तो वह देवगुरू बृहस्पति अशुभ फल प्राप्त होते हैं। व्यक्ति की आयु पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है।
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केले
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गुरुवार के दिन केले के फल का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन केले के वृक्ष की पूजा होती है। इसके साथ ही बृहस्पतिवार के दिन घर में अधिक वजन वाले कपड़ों को धोने, कबाड़ घर से बाहर निकालने, घर को धोने या पोछा लगाने से बच्चों, पुत्रों, घर के सदस्यों की शिक्षा, धर्म आदि पर शुभ प्रभाव में कमी आती है।
गुरुवार को केले के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करना चाहिए और शुद्ध घी का दीपक जलाकर गुरु के 108 नामों का उच्चारण करना चाहिए ऐसा करने से जल्दी ही जीवनसाथी की तलाश जल्द पूर्ण होती है। विवाह में आ रही अड़चने दूर होती हैं।