भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। हर कार्य का आरंभ न्हीं की पूजा-अर्चना से किया जाता है। जिस कार्य का आरंभ गणेश जी की पूजा से किया जाता है, वह बिना किसी विघ्न बाधा के पूर्ण हो जाता है। भगवान गणेश को बुद्धि का देवता माना गया है। जहां भी भगवान गणेश विराजते हैं, वहीं मां लक्ष्मी का भी वास होता है, क्योंकि लक्ष्मी को वही संभाल सकता है, जिसके पास बुद्धि होती है। गणेश जी के साथ रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ भी आपके घर में वास करते हैं। जिससे आपको सुख-समृद्धि, आनंद और बुद्धि, विवेक की प्राप्ति होती है। गणपति देव की पूजा अर्चना से बड़े से बड़ा संकट भी टल जाता है। गणेश जी की पूजा करते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक होता है। आपके द्वारा की गई गलतियों के कारण आपको समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।
गणेश जी की पूजा में न करें गलतियां, हो सकती हैं समस्याएं
गणेश जी को न चढ़ाए तुलसी
भगवान शिव की तरह गणेश जी की पूजा में भी तुलसी वर्जित मानी गई है। इसलिए भूलकर भी गणेश जी को तुलसी अर्पित नहीं करनी चाहिए। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी ने गणेश जी से विवाह का प्रस्ताव रखा था। जिसे गणेश जी ने नकार दिया था। जिसके कारण तुलसी ने उनको दो विवाह होने का श्राप दे दिया था। गणेश जी को दूर्वा बहुत प्रिय है, लेकिन ध्यान रखें की उन्हें कोमल, तीन पत्तियों वाली 21 दूर्वा अर्पित करनी चाहिए।
दीपक जलाते समय रखें इस बात का ध्यान
कई बार लोग दीपक जमीन पर जलाने के बाद उसे सिंघासन पर रखते हैं या दीपक जलाने के पश्चात उसकी स्थिति को बार-बार ठीक करते हैं, परंतु ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा करने से पूजा का कोई फल प्राप्त नहीं होता है, इसलिए गणेश भगवान के सामने दीपक जलाते समय बार-बार उसका स्थान नहीं बदलना चाहिए।
गणेश जी की पूजा में इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान
- बुधवार का दिन गणेश जी समर्पित है,यदि आप इस दिन व्रत करते हैं तो नमक का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इससे आपको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
- गणेश जी की पूजा में काले वस्त्र भूलकर भी न पहनें। इनकी पूजा में लाल या सफेद रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
- अपने घर में तीन गणेश जी की प्रतिमाएं नहीं रखना चाहिए। नई प्रतिमा लाने पर पुरानी प्रतिमा को प्रवाहित कर देना चाहिए।
- गणेश जी की प्रतिमा को कभी भी अंधेरे में नहीं रखना चाहिए। अंधेरे में गणेश जी के दर्शन शुभ नहीं होते हैं।
- कभी भी गणेश जी की पीठ के दर्शन नहीं करने चाहिए। मान्यता है कि गणेश जी की पीठ के पीछे दरिद्रता निवास करती है।