Chandra Grahan 2023: आज यानी 28 अक्तूबर को साल 2023 का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। चंद्र ग्रहण को ज्योतिष की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। वैसे तो चंद्र ग्रहण एक भौगोलिक घटना है, लेकिन पौराणिक मान्यता है कि पूर्णिमा की रात राहु और केतु चंद्रमा को निगलने की कोशिश करते हैं, तब चंद्रमा पर ग्रहण लगता है। ऐसे में चंद्र देव पर आए इस संकट के काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान तमाम तरह की नकारात्मक शक्तियां प्रबल हो जाती हैं, जिससे हमारे आसपास की हर चीज प्रभावित होती है। यही वजह है कि इस दौरान पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान भी नहीं किए जाते हैं। ग्रहण के समय मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। साथ ही कई लोगों का मानना है कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान चंद्र दर्शन से नाकारत्मक प्रभाव झेलने पड़ सकते हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं चंद्र ग्रहण का चांद देखना चाहिए या नहीं?
Chandra Grahan 2023: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानिए ग्रसित चंद्रमा को देखना चाहिए या नहीं
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चंद्र ग्रहण देखना चाहिए या नहीं ?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण की बात करें तो सूर्य ग्रहण की घटना को खुली आंखों से देखना उचित नहीं होता है, क्योंकि ये आपकी आंखों को नुकसान पहुंता सकता है। हालांकि चंद्र ग्रहण को देखा जा सकता है।
वहीं धार्मिक शास्त्र में ग्रहण काल को शुभ नहीं माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान घर से बाहर भी नहीं निकलना चाहिए, क्योंकि इस दौरान प्रकृति में कुछ समय के लिए विचित्र सी शक्ति उत्पन्न होती है जो कि सभी प्राणियों पर प्रभाव डालती है। इसलिए इस समय घर से बाहर निकलना और ग्रहण को देखना अच्छा नहीं माना जाता है।
भारत में कितने बजे लगेगा चंद्र ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण रात 01 बजकर 06 मिनट पर शुरू होगा और 02 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। भारत में इस ग्रहण की कुल अवधि 1 घंटे 16 मिनट की होगी।
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कहां-कहां देखा जा सकेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण?
साल के अंतिम चंद्र ग्रहण को भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, एशिया, हिंद महासागर, अटलांटिक, दक्षिणी प्रशांत महासागर, आर्कटिक और अंटार्कटिका में देखा जा सकेगा।