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बच्चों की जेल में बड़ा डॉन, जेल प्रशासन के लिए बना टेंशन

Sat, 05 Mar 2016 04:21 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sat, 05 Mar 2016 04:21 PM IST
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don brijesh singh shifted to juvenile jail

एमएलसी चुनाव में यूपी के वाराणसी से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर किस्मत आजमा रहे पूर्वांचल के माफिया डॉन बृजेश सिंह को शासन के आदेश पर शाहजहांपुर से सहारनपुर कारागार में शिफ्ट कराया गया है। चौकाने वाली बात ये है कि माफिया डॉन को किशोर कारागार में भेजा गया।

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एमएलसी चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर वाराणसी से माफिया डान बृजेश सिंह के चुनाव लड़ने से सूबे की सपा सरकार की भौहें तन गई हैं।

कारागार निदेशालय डीएस चौहान के दिशा निर्देशों पर शाहजहांपुर कारागार से शिफ्ट करने संबंधी वारंट को यहां दाखिल कराने के बाद बृजेश सिंह को जब कारागार में रखने की तैयारी की जाने लगी, तो बड़ी जेल में कैदियों की अधिक संख्या और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बृजेश सिंह को किशोर कारागार में ही भेजा गया।
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जेल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस शिफ्टिंग के समय बृजेश सिंह से जुड़े कुछ प्राइवेट सुरक्षाकर्मी भी साथ पहुंचे, जो उसके यहां रहने तक जेल के आस-पास के इलाके में ही सक्रिय रह सकते हैं।

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डॉन की डिमांड, 'व्यवस्था ओके होनी चाहिए'

don brijesh singh shifted to juvenile jail

जेल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बृजेश सिंह को किशोर कारागार में शिफ्ट करने के बाद उसने यहां रहने की व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। यह भी कहा कि छोटी जेल तो चल जाएगी। मगर, उठने बैठने का कुछ इंतजाम तो किया जाए। पता चला है कि बृजेश सिंह के लिए सामान्य कैदियों से कुछ अलग इंतजाम कराए जा रहे हैं।

किशोर कारागार में बंदियों की संख्या लगभग 60 है, जबकि बड़ी जेल में यह संख्या 1000 से भी ऊपर है।

कोर्ट के आदेश पर बृजेश सिंह को दिया जाने वाला खाना घर के सदस्य या कोई परिचित बाहर से ला सकता है। हालांकि तीन चरणों में भोजन की जांच के बाद ही डॉन को खाना दिया जाएगा।

सबसे पहले तो खाना लाने के लिए आने वाले का पहचान पत्र देखा जाएगा। इसके बाद यह आईडी बृजेश सिंह तक पहुंचाई जाएगी। बृजेश सिंह यदि आईडी को हरी झंडी देगा, तभी केयर टेकर का खाना उस तक पहुंचाया जाएगा।

बढ़ाई गई जेल की सुरक्षा

don brijesh singh shifted to juvenile jail

अक्सर जेल प्रशासन कैदियों पर निगरानी और कड़ी सुरक्षा को लेकर बड़ी जेल को लेकर ही अधिक गंभीर रहा है। किशोर कारागार पर इसके मुकाबले कम ध्यान दिया जाता रहा है। अब डॉन बृजेश सिंह के शिफ्ट होने के बाद किशोर कारागार में भी दिन और रात के समय अतिरिक्त बंदीरक्षकों और बाहरी सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है।

वहीं वाराणसी के सेंट्रल जेल से शाहजहांपुर और वहां से यहां सहारनपुर कारागार स्थानांतरित किए गए बृजेश सिंह की शिफ्टिंग का मामला जेल प्रशासन के लिए गले की फांस बन गया है। दरअसल, जेल से जुड़े अफसर मानते हैं कि यहां की जेल में ऐसे डॉन जैसे कैदी की सुरक्षा के लिए न तो पर्याप्त सुरक्षा जवान है और न ही बड़ा निगरानी तंत्र।

एमएलसी चुनाव को लेकर सत्ताधारी दल के साथ सियासी चुनौती के बीच जेल प्रशासन को सत्ता का दबाव भी झेलना पड़ रहा है। अंदरुनी तौर पर तो जेल के अफसर और बंदीरक्षक तक यही कह रहे हैं कि यह डॉन जितना जल्द यहां से वापस चला जाए बेहतर है। अन्यथा जरा सी चूक बड़ा पंगा करा देगी।

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