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पूरी दुनिया में फैलाएंगे लखनवी चिकन

Sun, 13 Apr 2014 02:18 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 13 Apr 2014 02:18 PM IST
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yogesh kumar

लखनऊ

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को एक्सपोर्ट और हैंडीक्राफ्ट का हब बनाने में नई उद्योग नीति कारगर साबित होने लगी है।

इसमें महिला उद्यमियों की भागीदारी अब तेजी से बढ़ रही है। हालांकि कारीगरों के हुनर को बढ़ावा देने के लिए उन्हें अब जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने की जरूरत है।

इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। राजधानी में अच्छे उत्पादों का बाजार विकसित करने के लिए योजनाएं लागू की गई हैं।

एक्सपोर्ट क्वालिटी प्रोडक्ट में पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बनाने वाले लखनऊ के चिकन को प्रमोट किया जा रहा है। लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग की योजनाओं से एक्सपोर्ट को जोड़ा गया है। इससे एक्सपोर्ट बढ़ने लगा है।


जिला उद्योग केंद्र में एकल खिड़की योजना के जरिये उद्यमियों, कारीगरों और एक्सपोर्टर्स की समस्याओं को हल किया जाता है।

साथ ही उद्यमियों की समस्याओं का डाटा तैयार कर उद्योग बंधु को सौंपा जाता है। वहां से समस्याओं के समाधान और उद्यमियों के विकास की योजनाएं बनाने में मदद मिलती है।


युवा बेरोजगारों में स्वरोजगार से जुड़ने की ललक भी बढ़ने लगी है। इसमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से नई इकाइयों को शुरू करवाया जाता है जबकि महिला उद्यमियों के लिए ब्याज उपादान योजना उनमें उत्साह भर रही है।

इस योजना में महिला उद्यमियों को प्लांट, मशीनरी पर लिए जाने वाले ऋण पर 5 फीसदी की छूट दी गई है। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपने हुनर को काम में बदलने में कामयाब होने लगी हैं।

शहरी क्षेत्र की हुनरमंद महिला शिल्पियों के सामने अपने प्रोडक्ट को बाजारों में बेचने की चुनौती को काफी कम कर दिया गया है। कई बार हस्तशिल्पियों के सामने अपने उत्पादों के प्रमोशन के लिए खर्चा करना मुश्किल होता है।

इससे उनके नायाब उत्पादों की ब्रांडिंग नहीं हो पाती है। इसके लिए हस्तशिल्प विपणन प्रोत्साहन के तौर पर प्रदेश भर में लगने वाले मेलों व प्रदर्शनियों में भागीदारी करने वालों को उन्हें किराया व स्टाल बुकिंग मद में खर्च होने वाली राशि में अधिकतम 10 हजार रुपये की सहायता दी गई है।

इसके बाद से खासकर महिला हस्तशिल्पियों को काफी राहत मिलने लगी है।

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