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रात हो या दिन, महिलाएं बाहर निकलने में डरती हैं

Tue, 02 Dec 2014 01:51 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 02 Dec 2014 01:51 PM IST
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women have fear to go on up roads

भले ही यूपी को देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था माना जाता हो, लेकिन महिलाएं यहां खुद को महफूज नहीं मानतीं। पुलिस पर से भी उनका भरोसा लगातार कम हो रहा है। पिछले दिनों महिलाओं के खिलाफ अपराध की जो घटनाएं सूबे में सामने आई हैं, उससे देश भर में प्रदेश की छवि को धक्का पहुंचा है।

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अमर उजाला के लिए किए गए हंसा रिर्सच के इस सर्वे में भी शहरी लोगों का मानना है कि प्रदेश के शहर महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं हैं। प्रदेश भर का औसत लिया जाए तो महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति पर लोगों ने 10 में से सिर्फ़ 4.5 अंक दिए। हमने जिन मुद्दों पर लोगों की राय मांगी उसमें रोजगार की उपलब्धता के बाद सबसे कम अंक महिलाओं की सुरक्षा को ही मिले।
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सर्वे में शामिल 71 फीसदी लोगों की राय है कि प्रदेश में रात में सफर करना महिलाओं के लिए कतई सुरक्षित नहीं है, जबकि 39 फीसदी महिलाओं के लिए दिन का सफर भी सुरक्षित नहीं मानते। लखनऊ, आगरा और इलाहाबाद को इस संदर्भ में लोगों ने सबसे खराब शहर माना है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ निचले तबके की या कम आय वर्ग की महिलाओं के मन में ये भावना है। सभी तबकों की महिलाएं मानती हैं कि वे यात्रा के दौरान सुरक्षित महसूस नहीं करतीं।
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सर्वे में महिलाओं से पूछा गया कि उन्हें किस तरह के अनुभवों से गुजरना पड़ा है। जवाब में 88 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि वे कभी न कभी छेड़छाड़ की शिकार हुई हैं। 65 फीसदी महिलाओं ने कहा कि या तो उनका कोई सामान चोरी हुआ है या फिर उनके साथ छीना-झपटी हुई। 54 फीसदी का कभी न कभी किसी ने पीछा किया तो 43 फीसदी के साथ गाली-गलौज हुई। सबसे डरावनी बात ये है कि 30 फीसदी महिलाओं ने कहा कि उनके साथ यौन उत्पीड़न हुआ है।

UP KA Aaina
इससे बुरी स्थिति क्या होगी कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 15 फीसदी महिलाएं ही पुलिस पर भरोसा करती हैं। वैसे पूरे प्रदेश की तस्वीर भी ऐसी ही है। महज 20 फीसदी महिलाओं को पुलिस पर भरोसा है। जबकि 48 फीसदी आबादी पुलिस को भरोसे के काबिल नहीं मानती।

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