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'फिल्म से ज्यादा टीवी पर अभिनय मुश्किल'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 08 Apr 2014 05:04 PM IST
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टार्जन द वंडर कार और जस्ट मोहब्बत जैसी फिल्मों से चर्चा में आए अभिनेता एक बार फिर अपने सीरियल 'एक हसीना थी' को लेकर सुर्खियों में हैं। स्टार पल्स पर 14 अप्रैल से शुरू होने वाले इस सीरियल की प्रमोशन के लिए आए वत्सल सेठ ने अमर उजाला से कई बातें साझा कीं।
उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ मल्होत्रा ने एक हसीना थी की कहानी लेकर दो साल पहले मेरे पास आए। मैंने कहानी पढ़ी और सिद्धार्थ से पूछा क्या वाकई वो मुझे एक पलेब्वॉय के रूप में दिखाना चाहते है, मैंने काफी सोचा और फिर इस सीरियल के लिए हां कर दी।
वत्सल ने कहा कि इस सीरियल के लिए काफी रिसर्च की गई। उन्होंने कहा कि यह सीरियल कोलकाता की एक अमीर परिवार की कहानी है, जिसमें वह एक इकलौते लड़के का किरदार निभा रहे हैं जिसको न सुनने की आदत नहीं है। इसी बीच उनकी जिंदगी में एक लड़की आती है जो सब कुछ बदल देती है।
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फिल्मों में कई विभिन्न किरदार निभा चुके वत्सल ने कहा कि वैसे दोनों ही फील्ड में से उन्हें सबसे ज्यादा टीवी में काम करना मुश्किल लगता है, क्योंकि उसमें आपको कई तरह के भाव एक साथ लाने होते है और समय काफी कम होता है। उन्होंने कहा कि इस किरदार के लिए काफी मेहनत की।
आस पास जो भी किरदार से मिलता जुलता व्यक्ति मिलता तो उसे फॉलो करता, कई बार तो किरदार में इतना डूब जाता था कि सिद्धार्थ को टोकना पड़ता था। जस्ट मोहब्बत से मिली कामयाबी के बाद उनकी फिल्म बॉक्स ऑफिस में ज्यादा असर नहीं दिख पाई।
इस पर वत्सल ने कहा कि कई फिल्म में अच्छा काम किया, लेकिन वह फिल्में चल नहीं पाई। अभी तक जितना भी काम किया है उससे संतुष्ट हूं और आगे अच्छा काम करूं बस इसी पर फोकस है।
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उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ मल्होत्रा ने एक हसीना थी की कहानी लेकर दो साल पहले मेरे पास आए। मैंने कहानी पढ़ी और सिद्धार्थ से पूछा क्या वाकई वो मुझे एक पलेब्वॉय के रूप में दिखाना चाहते है, मैंने काफी सोचा और फिर इस सीरियल के लिए हां कर दी।
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वत्सल ने कहा कि इस सीरियल के लिए काफी रिसर्च की गई। उन्होंने कहा कि यह सीरियल कोलकाता की एक अमीर परिवार की कहानी है, जिसमें वह एक इकलौते लड़के का किरदार निभा रहे हैं जिसको न सुनने की आदत नहीं है। इसी बीच उनकी जिंदगी में एक लड़की आती है जो सब कुछ बदल देती है।
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फिल्मों में कई विभिन्न किरदार निभा चुके वत्सल ने कहा कि वैसे दोनों ही फील्ड में से उन्हें सबसे ज्यादा टीवी में काम करना मुश्किल लगता है, क्योंकि उसमें आपको कई तरह के भाव एक साथ लाने होते है और समय काफी कम होता है। उन्होंने कहा कि इस किरदार के लिए काफी मेहनत की।
आस पास जो भी किरदार से मिलता जुलता व्यक्ति मिलता तो उसे फॉलो करता, कई बार तो किरदार में इतना डूब जाता था कि सिद्धार्थ को टोकना पड़ता था। जस्ट मोहब्बत से मिली कामयाबी के बाद उनकी फिल्म बॉक्स ऑफिस में ज्यादा असर नहीं दिख पाई।
इस पर वत्सल ने कहा कि कई फिल्म में अच्छा काम किया, लेकिन वह फिल्में चल नहीं पाई। अभी तक जितना भी काम किया है उससे संतुष्ट हूं और आगे अच्छा काम करूं बस इसी पर फोकस है।