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दोबारा चुनाव नहीं लड़ सकेंगे 40 प्रतिशत सरपंच

Wed, 16 Dec 2015 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद Updated Wed, 16 Dec 2015 12:17 AM IST
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2010 से लेकर 2015 तक के प्लान में फतेहाबाद जिले में कुल 246 सरपंच थे जिसमें लगभग 75 सरपंच बिल्कुल अनपढ़ थे। 77 सरपंच आठवीं पास भी थे। इनमें से काफी सरपंचों को दोबारा मौका मिल सकता है।
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एससी बीसी एवं महिला उम्मीदवारों को आठवीं कक्षा की पढ़ाई चुनाव लड़ने के लिए अनिवार्य की गई है।

17 जिप सदस्यों में भी 2 सदस्य थे अनपढ़, 3 आठवीं पास
जिला परिषद के लिए ख्वाब देखने वाले 5 मौजूदा सदस्यों का सपना सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते चकनाचूर हो गया है। निवर्तमान जिला परिषद के कुल 17 सदस्य थे जिसमें 2 सदस्य अंगुठा छाप थे तो 3 जिला परिषद के सदस्य आठवीं पास थे।
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बाकी सभी 12 सदस्य दसवीं से लेकर एमए पास थे। उन सदस्यों को दोबारा चुनाव लड़ने में कोई परेशानी नहीं आएगी। जिला परिषद में इस बार कुल 18 सीटें रखी गई हैं।
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इन 18 सीटों में से कुल सात सीटें सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हैं जिन पर उम्मीदवारी जताने वाले कम से कम मैट्रिक पास होने चाहिए। इन सीटों में वार्ड नंबर 1, 2, 6, 7,12 , 13, 14 शामिल हैं।

फतेहाबाद ब्लॉक में थे सबसे ज्यादा अनपढ़ सरपंच

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक निवर्तमान प्लान के 75 अनपढ़ सरपंचों में से सबसे अधिक सरपंच फतेहाबाद ब्लॉक के ही थे। जिले के 75 में से 19 अंगूठा छाप सरपंच तो अकेले फतेहाबाद ब्लॉक के थे।

इसके बाद नंबर आता है भूना का, जहां पर 16 सरपंच पढना-लिखना नहीं जानते थे। इसके अलावा रतिया में 11, टोहाना में 13, भट्टू में 10 एवं जाखल में 6 सरपंच अनपढ़ थे।

जिले में आठवीं पास सरपंचों की कुल संख्या 77 बताई गई है। इनमें फतेहाबाद ब्लॉक में 15 सरपंच, भट्टू में 7, भूना में 9, रतिया में सबसे अधिक 25, टोहाना में 12 और जाखल में 10 सरपंचों ने महज आठवीं तक ही शिक्षा ग्रहण की हुई थी।

झलनियां, नांगली और बीघड़ में सरपंच पद पर हो चुकी थी सर्वसम्मति
पंचायत चुनावों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक लगने से पहले जिले की तीन पंचायतों में सरपंच पदों पर सर्वसम्मति बन चुकी थी। इन पंचायतों में झलनियां, नांगली और बीघड़ गांव की एक पंचायत के लिए सहमति बन गई थी।


नांगली गांव में तो बाकायदा इसका औपचारिक रूप से एलान भी कर दिया गया था। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने घोषणा की हुई है कि जिस पंचायत में सर्व सम्मति से सरपंच चुना जाएगा, सरकार उसको 11 लाख की विशेष ग्रांट मुहैया करवाएगी।

टोहाना की ही एक और पंचायत नांगला में वार्ड बंदी के विरोध में पंचायत चुनावों के बहिष्कार का भी एलान किया जा चुका था।
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